मिड-डे मील में 'खेल' खत्म: निगरानी और भी कड़ी, भोजन परोसने के बाद थाली और बच्चों तक की फोटो होगी अपलोड
परिषदीय स्कूलों में मध्याह्न भोजन वितरण की निगरानी अब और सख्त होगी। बच्चों को भोजन परोसने के बाद थाली और ...और पढ़ें

मिड-डे मील में बच्चे। फाइल
HighLights
मध्याह्न भोजन निगरानी अब डिजिटल फोटो से होगी।
भोजन की थाली और खाते बच्चों की तस्वीरें अपलोड होंगी।
प्रधानाध्यापक को फोटो अपलोड करने की जिम्मेदारी दी गई।
संवाद सहयोगी, रामपुर। परिषदीय स्कूलों में मध्याह्न भोजन वितरण की निगरानी अब और सख्त होगी। बच्चों को भोजन परोसने के बाद केवल आंकड़े दर्ज करना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि भोजन की थाली और उसे खाते हुए विद्यार्थियों की तस्वीरें भी डिजिटल रिकॉर्ड में अपलोड करनी होंगी। मध्याह्न भोजन प्राधिकरण ने इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं।
प्रधानमंत्री पोषण योजना के तहत विद्यालयों में प्रतिदिन भोजन ग्रहण करने वाले विद्यार्थियों की संख्या दर्ज की जाती है। अब मध्याह्न भोजन पंजिका एप के माध्यम से भोजन की थाली और भोजन करते हुए पंजीकृत विद्यार्थियों की अलग-अलग तस्वीरें भी अपलोड करनी होंगी।
भोजन की थाली और खाते बच्चों की अलग-अलग तस्वीरें होंगी अपलोड
निर्देशों के मुताबिक, प्रत्येक विद्यालय से अधिकतम पांच फोटो अपलोड की जा सकेंगी। इसकी जिम्मेदारी प्रधानाध्यापक अथवा प्रभारी प्रधानाध्यापक की होगी। फोटो अपलोड करने की प्रक्रिया समझाने के लिए विभाग ने यूजर मैनुअल भी जारी किया है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को अपने-अपने जनपद के विद्यालयों में निर्देशों का पालन सुनिश्चित कराने और कार्य में किसी प्रकार की शिथिलता न बरतने को कहा गया है।
डिजिटल रजिस्टर में दर्ज होगा भोजन वितरण का ब्योरा
डीसी पीएम पोषण योजना राहुल सक्सेना ने बताया कि नई व्यवस्था से भोजन की थाली और उसे खाते बच्चों की तस्वीरें डिजिटल रिकॉर्ड में दर्ज होंगी। इससे एमडीएम वितरण की निगरानी को अधिक व्यवस्थित बनाने और निर्धारित प्रक्रिया के पालन पर जोर रहेगा।
एक नजर में
- कुल परिषदीय विद्यालय: 1596
- विद्यार्थियों की संख्या: करीब 1.54 लाख
- योजना: प्रधानमंत्री पोषण योजना
- फोटो अपलोड: प्रति विद्यालय अधिकतम पांच
- माध्यम: डिजिटल रजिस्टर और मध्याह्न भोजन पंजिका एप
- जिम्मेदारी: प्रधानाध्यापक अथवा प्रभारी प्रधानाध्यापक
बीएसए कल्पना देवी ने बताया कि शासन के निर्देशों का सभी परिषदीय विद्यालयों में अनुपालन सुनिश्चित कराया जाएगा। प्रधानाध्यापकों और प्रभारी प्रधानाध्यापकों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार फोटो अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं। व्यवस्था के पालन में लापरवाही नहीं होनी चाहिए। शासन की इस व्यवस्था का उद्देश्य भोजन वितरण की निगरानी मजबूत करना और पारदर्शिता बढ़ाना है।
