बिलासपुर (रामपुर) : नगर के माटखेड़ा मार्ग पर स्थित गुरुद्वारे में बैसाखी पर भव्य दीवान सजाया गया जिसमें हजारों की संगत ने हिस्सा लेकर माथा टेका। दिन भर चले विविध धार्मिक कार्यक्रमों के अलावा सुबह से लेकर शाम तक गुरु का अटूट लंगर भी बरताया गया।

मंगलवार को श्री गुरु सिंहसभा के तत्वाधान में बैसाखी का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में सुबह से ही सिख संगत आनी शुरू हो गई। सुबह नित नेम के पाठ और आसा दी वार के कीर्तन के बाद गुरुद्वारे में विराजमान श्री गुरु ग्रंथ साहिब की पालकी को जयकारों के साथ गुरुद्वारा परिसर में ही बनाए गए एक विशेष पंडाल में स्थापित किया गया। इसके बाद अरदास हुई। गुरु की हजूरी में दीवान आरम्भ किया गया। दीवान में शामिल होने आए समुदाय के हजारों लोगों ने माथा टेककर अरदास की गई। यह सिलसिला सारा दिन चलता रहा। इस दौरान ज्ञानी खजान सिंह, पंजाब से आए ज्ञानी बलविदर सिंह बहिला, पंजाब से आए ज्ञानी बलवंत सिंह आजाद आदि के रागी, कविश्री व ढाडी जत्थों द्वारा सुंदर-सुंदर सबद-कीर्तन कर संगत को निहाल किया गया। कथा वाचक ज्ञानी देवेंद्र सिंह आदि ने अपने प्रवचनों के माध्यम से नानकशाही, खालसा पंथ एवं सिखों के इतिहास आदि पर विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यक्रम के दौरान गुरुद्वारा परिसर में कोरोना नियमों का पालन किया गया। गुरुद्वारा में विभिन्न खेलों का भी आयोजन किया गया जिसमें क्षेत्र सहित बाहर से आई टीमों ने हिस्सा लिया। इस मौके पर गुरुद्वारे में पूरा दिन गुरु का अटूट लंगर भी बरताया गया। व्यवस्थाओं में कुलदीप सिंह पुरी, तारा सिंह चंदी, हरजिदर सिंह, अर्जुन सिंह गिल, मान सिंह, परमजीत कौर पोला, बलवीर सिंह चौहान, कुलविदर सिंह चीमा, सुखदेव सिंह, संदीप सिंह पुरी, मनमोहन सिंह, जरनैल सिंह आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन कमेटी के महासचिव तीरथ सिंह ने किया।