जेल से आजम खां ने अखिलेश यादव को दिया मैसेज, 15 सीटों के लिए भेजी अपने पसंदीदा प्रत्याशियों की लिस्ट
जेल में बंद सपा महासचिव आजम खां ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश की 15 विधानसभा सीटों के लिए अपनी पसंद के प्रत्याशियों की सूची अखिलेश यादव तक पहुंचाई है।
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अखिलेश यादव और आजम खां
HighLights
आजम खां ने अखिलेश यादव को 15 सीटों की सूची भेजी।
तजीन फात्मा ने लखनऊ में अखिलेश यादव से मुलाकात की।
आजम ने अखिलेश को रामपुर जेल में मिलने को कहा।
अनिल अवस्थी, रामपुर। सपा महासचिव आजम खां 17 नवंबर 2025 से रामपुर जेल में हैं मगर सियासी दांव-पेच से दूर नहीं हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश की करीब 15 विधानसभा सीटों पर अपनी पसंद के प्रत्याशियों का संदेश अखिलेश यादव तक पहुंचाकर आजम ने चुनाव से पहले अपनी राजनीतिक सक्रियता का संकेत दे दिया है।
उनकी पत्नी तजीन फात्मा बुधवार को लखनऊ में पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव से मिलीं। करीब एक घंटे की इस मुलाकात में आजम पर विचाराधीन 90 से अधिक मुकदमों पर कम, विधानसभा चुनाव में टिकट बंटवारे पर अधिक चर्चा हुई है। अधिकृत सूत्रों के मुताबिक सपा मुखिया को पसंदीदा सीटों पर प्रत्याशियों के नाम की सूची भी सौंपी गई है।
मुरादाबाद की बिलारी और कांठ सीट से प्रत्याशी घोषणा से पहले आजम खां से बात करने का भी संदेश दिया गया है। पता चला है कि आजम खां ने अखिलेश यादव से रामपुर जेल आकर मुलाकात करने को भी कहा है। सपा मुखिया से मुलाकात के दौरान आजम के बड़े बेटे अदीब और कासगंज की एक विधायक भी उपस्थित थीं।
इस दौरान आजम और अब्दुल्ला को जेल से बाहर लाने में आ रही अड़चनों पर चर्चा की गई। तजीन फात्मा ने मुरादाबाद, संभल, मेरठ, सहारनपुर, बिजनौर और बदायूं की 15 सीटों की सूची सौंपी। इसमें पसंदीदा दावेदारों के नाम शामिल थे। तजीन फात्मा और अखिलेश की मुलाकात के बाद आजम खां के खेमे से दूरी बनाकर रखने वाले दावेदारों की चिंता बढ़ गई है।
मुरादाबाद की बिलारी सीट से विधायक फहीम इकबाल आजम के करीबी माने जाते हैं, लेकिन हाल के दिनों में उनके बीच दूरियां बढ़ने की चर्चा है। कांठ सीट से विधायक कमाल अख्तर को अखिलेश यादव का करीबी माना जाता है। आजम ने इन दोनों सीटों पर उनसे बात कर प्रत्याशी की घोषणा करने का संदेश दिया है।
10 साल की सजा काट रहे आजम खां
2024 के लोकसभा चुनाव में आजम खां की जिद के कारण सपा नेतृत्व को मुरादाबाद सीट पर अपना प्रत्याशी बदलना पड़ा था। पूर्व सांसद डॉ. एसटी हसन के नामांकन के बाद रुचिवीरा को पार्टी सिंबल दिया गया, जिससे डॉ. हसन को अपना नाम वापस लेना पड़ा।
रामपुर सीट पर पार्टी ने आजम के विरोध के बावजूद मौलाना मोहिबुल्लाह नदवी को मैदान में उतारा, जो विजयी रहे। आजम समर्थकों ने उनका हर स्तर पर विरोध किया। सपा जिलाध्यक्ष अजय सागर ने इस मुलाकात की जानकारी दी, लेकिन उन्होंने कहा कि बातचीत के विषय में उन्हें कोई जानकारी नहीं है।
आजम खां के बड़े बेटे अदीब का अखिलेश यादव के साथ मुलाकात का फोटो भी इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो रहा है। आजम खां अपने छोटे बेटे अब्दुल्ला के साथ रामपुर जेल में दो पैन कार्ड मामले में 10 वर्ष की सजा काट रहे हैं।
