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सपा कार्यकर्ताओं में जगी आस: आजम खान की जल्द हो सकती है रिहाई, पत्नी तजीन के चुनाव लड़ने का रास्ता साफ!

Published: Thu, 29 Oct 2026 06:00 AM (IST)

सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के फैसलों के बाद आजम खान की जल्द रिहाई और उनकी पत्नी तजीन फातिमा के चुनाव ...और पढ़ें

आजम खान और तजीन फातिमा

आजम खान और तजीन फातिमा

HighLights

  1. हाईकोर्ट के बाद सुप्रीम कोर्ट ने सुरक्षित किया फैसला, सपाईयों की बढ़ी आस

अनिल अवस्थी, रामपुर। एक ओर आजम खान के जौहर विश्वविद्यालय पर ईडी का शिकंजा कसता जा रहा है, दूसरी ओर उन्हें अदालत से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। बुधवार को तजीन फातिमा व अब्दुल्ला आजम को दो जन्म प्रमाणपत्र के मामले में सुनाई गई सजा के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई पूरी कर ली। फैसला पक्ष में आने की दशा में विधानसभा चुनाव में उतरने के लिए तजीन का रास्ता साफ हो जाएगा।

इसी तरह हाईकोर्ट भी आजम की जमानत पर सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित कर चुका है। सपाई आजम की रिहाई की आस से उत्साहित हैं। सपा के कद्दावर नेता व राजनीति के मंझे खिलाड़ी मोहम्मद आजम खान रामपुर से दस बार विधायक व एक बार सांसद चुने जा चुके हैं।

पिछले सात-आठ वर्षों से वह कचहरी और जेल के बीच दौड़ लगा रहे हैं। पिछले वर्ष 17 नवंबर से वह अपने बेटे अब्दुल्ला आजम के साथ रामपुर जेल में कैद काट रहे हैं। दो पैन कार्ड मामले में उन्हें दस वर्ष की सजा सुनाई गई है।

इस मामले में जमानत के लिए उन्होंने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। 15 अक्टूबर को इस प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने आजम की ओर से अंतिम बहस की। हाई कोर्ट ने फैसला सुरक्षित कर लिया है।

अगर फैसला आजम के पक्ष में आता है तो वह बेटे अब्दुल्ला के साथ जेल से बाहर आ जाएंगे। वहीं, अब्दुल्ला आजम के दो जन्म प्रमाणपत्र मामले में अब्दुल्ला, आजम व तजीन फातिमा तीनों को सात-सात वर्ष कैद की सजा सुनाई गई थी।

हालांकि, हाई कोर्ट ने अंतरिम आदेश देते में आजम खान की सजा स्थगित कर दी थी। जबकि, जन्म प्रमाणपत्र पर तजीन फातिमा के हस्ताक्षर होने के कारण उन्हें और अब्दुल्ला को सिर्फ जमानत मिली थी।

हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ 7 दिसंबर 2024 को राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की थी। पिछले वर्ष 25 अगस्त को तजीन फातिमा और उनके बेटे अब्दुल्ला ने आजम खान की स्थगित की गई सजा के आधार पर राहत के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

सुप्रीम कोर्ट दोनों मामलों की सुनवाई एक साथ कर रहा था। बुधवार को न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और शील नागू की डबल बेंच ने प्रकरण की अंतिम सुनवाई की।

इस पर वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने दलीलें पेश करते हुए पूरे प्रकरण को राजनीति से प्रेरित बताया। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में फैसला सुरक्षित कर लिया है। आजम खान किसी तरह पत्नी को मिली सजा निरस्त कराने की जुगत में लगे हैं।

अगर फैसला उनके पक्ष में आता है तो तजीन फातिमा का विधानसभा चुनाव में उतरने का रास्ता साफ हो जाएगा। आजम और उनके बेटे अब्दुल्ला को अन्य मामलों में भी सजा मिलने के कारण वह फिलहाल चुनाव में भागीदारी करने के योग्य नहीं होंगे।

 

हमें अदालत पर पूरा भरोसा है। आजम खान के खिलाफ दर्ज मुकदमों में उन्हें राहत मिलेगी। वह जेल से बाहर आएंगे और तजीन फातिमा चुनाव भी लड़ेंगी।

- अजय सागर, जिलाध्यक्ष सपा


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