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हाई कोर्ट से राहत मिलते ही आजम खान को झटका! जेल से बाहर आने से पहले ही खड़ा हुआ नया कानूनी संकट

Published: Thu, 29 Oct 2026 08:05 PM (IST)

हाई कोर्ट से राहत मिलने के बावजूद आजम खान की रिहाई पर नया कानूनी पेंच फंस गया है। ईडी ने ...और पढ़ें

आजम खान

आजम खान

HighLights

  1. ईडी ने रिमांड के लिए स्पेशल कोर्ट एमपी-एमएलए सेशन ट्रायल में किया है आवेदन

जागरण संवाददाता, रामपुर। हाई कोर्ट से राहत मिलने के बावजूद आजम खान की रिहाई पर पेंच फंस गया है। ईडी की ओर से अजीम नगर थाने में दर्ज कराई गई भ्रष्टाचार की प्राथमिकी में पुलिस ने रिमांड के लिए स्पेशल कोर्ट एमपी-एमएलए सेशन ट्रायल में आवेदन प्रस्तुत कर दिया है। इस पर सुनवाई को न्यायालय ने आजम खान को साेमवार को तलब किया है।

रिमांड मंजूर होने की दशा में इस मामले में भी जमानत कराने के बाद ही आजम खान जेल से बाहर आ पाएंगे। 13 अक्टूबर को ईडी ने आजम खान व उनके जौहर ट्रस्ट समेत पांच लोगों के खिलाफ विश्वविद्यालय निर्माण में सरकारी धन के गबन आदि व धोखाधड़ी के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कराई थी।

इस प्रकरण की विवेचना सीओ टांडा पंकज पंत कर रहे हैं। उन्होंने गुरुवार को न्यायालय में इस प्रकरण का हवाला देते हुए आजम खान के खिलाफ रिमांड वारंट जारी करने का अनुरोध किया।

न्यायालय ने सोमवार को आजम खान को तलब करते हुए प्रकरण की अगली सुनवाई के लिए सोमवार की तिथि नियत कर दी है। सोमवार को अगर न्यायालय रिमांड मंजूर कर लेगा तो आजम खान को जेल से बाहर आने के लिए इस मामले में भी जमानत करानी होगी।

कानून के जानकारों के मुताबिक भ्रष्टाचार की जिन धाराओं में आजम खान के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज है, उनमें आजीवन कारावास तक का प्रविधान है। ऐसे में उन्हें स्थानीय स्तर पर जमानत मिलना आसान नहीं होगा।

इन परिस्थितियों में आजम को फिर हाईकोर्ट का रुख करना पड़ेगा। इससे उनके जेल से जल्द बाहर आने की उम्मीद पर पानी फिर सकता है। वहीं, अगर न्यायालय पुलिस के आवेदन को खारिज करता है तो आजम जेल से बाहर आ जाएंगे।

एएसपी अनुराग सिंह ने बताया कि न्यायालय सोमवार को रिमांड अर्जी पर सुनवाई कर अपना आदेश जारी करेगा। आजम खान 23 सितंबर 2025 को सीतापुर जेल से बाहर आए थे।

तब आजम खान और अब्दुल्ला ने अपने सभी मामलों में जमानत करा ली थी, लेकिन 17 नवंबर 2025 को एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट मजिस्ट्रेट ट्रायल से दोनों को सात साल की सजा हो गई थी। इस पर दोनों को दोबारा जेल जाना पड़ा।

अभियोजन की अपील पर एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट सेशन ट्रायल ने आजम खान की सजा बढ़ाकर दस वर्ष कर दी थी। जेल जाने के बाद दोनों ने सभी मुकदमों में अपनी जमानतें तुड़वा ली थीं।

अब दो पैन कार्ड मामले में हाई कोर्ट से राहत मिलने पर उनके अधिवक्ता फिर से सभी मामलों में वापस जमानती दाखिल कर उन्हें बाहर निकालने में जुट गए हैं।

आजम खान के अधिवक्ता काशिफ खां का कहना है कि आजम खान के 107 मुकदमों, जबकि अब्दुल्ला के भी 58 मामलों में जमानती दाखिल किए गए हैं। उनका कहना है कि ईडी द्वारा दर्ज कराए मामले से आजम खान के जेल से बाहर आने में कोई दिक्कत नही होगी।

अब्दुल्ला आ जाएंगे जेल से बाहर

आजम खान और अब्दुल्ला को 17 नवंबर 2025 को एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट मजिस्ट्रेट ट्रायल ने सात साल की सजा सुनाई थी। इसके बाद 28 नवंबर 2025 को आजम खान के चार व अब्दुल्ला के एक मुकदमे में फैसला हुआ था।

आजम खान को तीन मामलों में बरी किया था, जबकि डीएम को तनखईया कहने वाले एक मामले में दो साल की सजा हुई थी। इससे अधिक अवधि वह जेल में बिता चुके हैं, इसलिए सजा का यह फैसला उनके जेल से बाहर आने में रुकावट नहीं बनेगा।

अब्दुल्ला को भी पांच दिसंबर 2025 को दो पासपोर्ट मामले में सात साल की सजा सुनाई गई थी। हालांकि एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट सेशन ट्रायल ने उनकी सजा पर रोक लगा दी थी। इस तरह अब्दुल्ला के जेल से बाहर आने में कोई रुकावट नहीं होगी।

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