विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

क्वालिटी बार कब्जा मामला: आजम खान को एक और झटका, कोर्ट ने डिस्चार्ज अर्जी खारिज की; 7 को तय होंगे आरोप

Published: Thu, 24 Sep 2026 05:26 PM (IST)

सपा नेता आजम खान को क्वालिटी बार की जमीन कब्जाने के मामले में बड़ा झटका लगा है, कोर्ट ने उनकी ...और पढ़ें

आजम खान

आजम खान

जागरण संवाददाता, रामपुर। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव आजम खान के खिलाफ क्वालिटी बार की जमीन कब्जाने के मामले में गुरुवार को सुनवाई हुई। इस मुकदमे में आरोप तय होने हैं। इससे पहले आजम खान ने अपने अधिवक्ताओं के माध्यम से डिस्चार्ज प्रार्थना पत्र दिया था, जिसमें कहा था कि यह मुकदमा राजनीति द्वेष से प्रेरित है। उन पर लगाए आरोप झूठे हैं।

अभियोजन ने प्रार्थना पत्र पर आपत्ति लगाई थी। आपत्ति पर ज्येष्ठ अभियोजन अधिकारी राकेश मौर्य और सहायक अभियोजन अधिकारी स्वदेश शर्मा ने बहस की।

उनका कहना था कि जिला सहकारी संघ की बोर्ड की बैठक में चेयरमैन और डायरेक्टरों ने सर्वसम्मति से बार की जगह को आजम खान की पत्नी के नाम किराये पर देने का प्रस्ताव पास किया था। पुलिस ने आरोप पत्र में सभी को मुलजिम बनाया है।

दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट (मजिस्ट्रेट ट्रायल) के न्यायाधीश शोभित बंसल ने आजम खान समेत सभी आरोपितों के डिस्चार्ज प्रार्थना पत्र खारिज कर दिए। अब सात अक्टूबर को सभी पर आरोप तय किए जाएंगे।

क्वालिटी बार का यह मामला सिविल लाइंस कोतवाली क्षेत्र का है। 21 नवंबर 2019 को तत्कालीन राजस्व निरीक्षक अनंगराज सिंह ने सिविल लाइंस कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई थी।

आरोप लगाया था कि आजम खान ने मंत्री रहते हुए जिला सहकारी संघ की जमीन पर बने क्वालिटी बार की 302 वर्ग मीटर जगह अपनी पत्नी को 1200 रुपये किराये पर दिलवा दी थी।

बाद में इसमें आजम खान के बेटे को भी सह किरायेदार के रूप में दर्शा दिया गया था। उस समय जिला सहकारी संघ के चेयरमैन जफर अली जाफरी थे। उनकी अध्यक्षता में हुई बैठक में यह प्रस्ताव पास किया गया था।

पुलिस ने चेयरमैन सैयद जफर अली जाफरी, आजम खान की पत्नी पूर्व सांसद डाॅ. तंजीन फात्मा व बेटे पूर्व विधायक अब्दुल्ला को नामजद किया था। विवेचना के बाद बोर्ड के डायरेक्टर के नाम भी शामिल किए गए थे।

बाद में पुलिस ने अग्रिम विवेचना में आजम खान को भी धोखाधड़ी, साक्ष्य नष्ट करने और आपराधिक षड्यंत्र रचने का दोषी माना था और आजम खान के खिलाफ भी आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया था। मुकदमे में पुलिस ने 13 लोगों को आरोपित बनाया है।

यह भी पढ़ें- 2027 विधानसभा चुनाव से तय होगा आजम खान का सियासी भविष्य, क्या जेल से बाहर आकर बदलेंगे रामपुर का समीकरण?

यह भी पढ़ें- आजम खान को लेकर धर्मसंकट में सपा: दूरी से मुस्लिम वोट बैंक का खतरा, नजदीकी से बहुसंख्यक नाराज; समझें पूरा सियासी गणित