आजम खां का पूरा कुनबा फंसेगा? जौहर ट्रस्ट पर ED की FIR से बढ़ीं पत्नी, बहन और बेटों की मुश्किलें
ईडी की जौहर ट्रस्ट पर दर्ज भ्रष्टाचार की प्राथमिकी ने आजम खान के पूरे परिवार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। ...और पढ़ें

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HighLights
जौहर ट्रस्ट में घर के ही पांच सदस्यों को बनाया था ट्रस्टी, सभी पर लटकी तलवार
अनिल अवस्थी, रामपुर। ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) की ओर से अजीमनगर थाने में मोहम्मद आजम खां के खिलाफ दर्ज कराई गई भ्रष्टाचार की प्राथमिकी से उनके कुनबे की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इसकी वजह है प्राथमिकी में जौहर ट्रस्ट की नामजदगी। आजम ने ट्रस्ट में शामिल कुल आठ सदस्यों में पांच सदस्य अपने घर के ही बनाए थे जबकि, शेष डमी थे।
13 अक्टूबर को दर्ज कराई गई प्राथमिकी में नामजद जौहर ट्रस्ट के जरिए ही जौहर विश्वविद्यालय का निर्माण कराया गया है। निजी विश्वविद्यालय में सरकारी धन का उपयोग हो या फर्जी फर्मों से चंदा लेने की बात, सब कुछ इसी ट्रस्ट के जरिये किया गया है।
ऐसे में ट्रस्ट में शामिल सभी सदस्यों पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है। आजम खां ने 1990 में मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट गठित किया था।
वह खुद ट्रस्ट के अध्यक्ष बने थे जबकि, पत्नी तजीन फातिमा, दोनों बेटे अदीब, अब्दुल्ला और बहन निकहत अफलाक को ट्रस्टी बनाया था। तीन अन्य ट्रस्टी डमी थे, जिनका सिर्फ नाम का उपयोग किया गया था।
आयकर अधिकारियों की जांच में परिवार के अलावा ट्रस्ट में शामिल किए गए अन्य सदस्यों ने अपने बयान में इसकी पुष्टि भी की है। आजम खां और अब्दुल्ला कई मामलों में अभियुक्त हैं।
आजम के खिलाफ अब तक न्यायालय से 16 मामलों में सुनाए गए फैसलों में वह आठ में बरी हो गए जबकि, आठ में उन्हें सजा हुई है। दो पैन कार्ड के मामले में छोटा बेटा अब्दुल्ला अभी उनके साथ जिला कारागार में सजा काट रहा है।
आजम की पत्नी तजीन फातिमा को अब्दुल्ला के दो जन्म प्रमाणपत्र में ही सजा हुई है। इस मामले में न्यायालय उन्हें अब्दुल्ला और आजम के साथ सात-सात वर्ष की सजा सुना चुका है। फिलहाल वह जमानत पर जेल से बाहर हैं।
आजम के परिवार में सिर्फ उनके बड़े बेटे अदीब और बहन निकहत अफलाक ही अब तक किसी मामले में दोषी नहीं ठहराए गए हैं। दो जन्म प्रमाणपत्र मामले में सजा सुनाए जाने के बाद आजम खां ने जौहर ट्रस्ट से अपना, पत्नी और छोटे बेटे का नाम हटा लिया।
नई कार्यकारिणी में उनकी बहन निकहत अध्यक्ष हैं जबकि, बेटा अदीब सचिव हैं। इनके अलावा मुश्ताक अहमद सिद्दीकी, नसीर अहमद खां, जावेद उर रहमान खान, मुमताज बी व शहरेयार सलीम भी शामिल हैं।
ईडी की ओर से दर्ज कराई गई प्राथमिकी में विश्व विद्यालय के निर्माण में सरकारी धन के दुरुपयोग, कमीशनखोरी और बिना हिसाब के चार सौ करोड़ खर्च करने के जो आरोप लगे हैं, उनके संबंध में दस्तावेजी साक्ष्य भी मौजूद हैं।
इसके चलते जौहर ट्रस्ट में शामिल रहे उनके बड़े बेटे अदीब, पत्नी तजीन फातिमा और बहन निकहत अफलाक के खिलाफ भी कार्रवाई तय मानी जा रही है। ऐसे में आजम खां के सामने अब सिर्फ अपना बचाव ही नहीं बल्कि, कुनबे को बचाने की भी चुनौती खड़ी हो गई है।
