आजम ने सीके एसोसिएट को चार साल में दिलाए थे 186 करोड़ के सरकारी काम, बदले में यूनिवर्सिटी पर खर्च किए 56 करोड़
ईडी को आजम खां की जौहर यूनिवर्सिटी में सरकारी धन के दुरुपयोग और करोड़ों के चंदे के साक्ष्य मिले हैं। ...और पढ़ें

आजम खान
HighLights
मेरठ की दो संस्थाओं ने जौहर विश्वविद्यालय को दान में दिए थे छह करोड़
जागरण संवाददाता, रामपुर। पूर्व मंत्री आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी में सरकारी धन के दुरुपयोग और करोड़ों का चंदा दिए जाने के ईडी को साक्ष्य मिले हैं। ईडी ने अपनी प्राथमिकी में इनका जिक्र भी किया है। ईडी करीब चार साल से आजम खान की यूनिवर्सिटी में करोड़ों के घोटाले की जांच कर रही है।
इसके लिए वर्ष 2022 में ईडी की टीम यहां आई थी। इसके बाद इसी साल 19 अगस्त को ईडी की कई टीमों ने यूनिवर्सिटी समेत आधा दर्जन स्थानों पर छापे मारे थे। लखनऊ बुलाकर भी टीम ने आजम खान के करीबियों के बयान लिए थे।
मंगलवार को टीम ने रामपुर आकर जेल में आजम खान से भी पूछताछ की। अपनी इस जांच व पूछताछ के बाद ईडी ने अजीमनगर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई।
इस प्राथमिकी में उन लोगों का जिक्र किया है, जिन्हें आजम खान ने सरकारी ठेके दिलवाए और बदले में उनसे कमीशन के बदले चंदा लिया या फिर 30 फीसद से अधिक धनराशि यूनिवर्सिटी के निर्माण सामग्री पर खर्च कराई।
इनमें सबसे ऊपर नाम सीके एसोसिएट्स प्राइवेट लिमिटेड का है, जिसके प्रबंध निदेशक पवन कुमार जैन के बयान ईडी ने 18 सितंबर को दर्ज किए थे।
उन्होंने अपने बयान में कहा कि उनकी कंपनी को 2013-14 से 2016-17 के दौरान आजम खान के प्रभाव से लगभग 186 करोड़ रुपये के सरकारी ठेके मिले थे।
ठेका राशि का करीब 30-40 प्रतिशत विश्वविद्यालय के लिए निर्माण सामग्री खरीदने में लगाया गया। इस तरह 55.8 करोड़ रुपये सरकारी धन के इस्तेमाल का दावा किया गया है।
एमएलसी के पति के चैरिटेबल ट्रस्ट और वेलफेयर सोसाइटी से मिले थे छह करोड़
आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी को मेरठ की पूर्व एमएलसी डाॅ. सरोजिनी अग्रवाल के पति डाॅ. ओम प्रकाश अग्रवाल और उनसे जुड़ी संस्थाओं द्वारा करोड़ों का दान दिया गया।
ईडी के उप निदेशक ने प्राथमिकी में इसका जिक्र करते हुए कहा है कि मेरठ के केएसडी चैरिटेबल ट्रस्ट और सिटी एजुकेशनल सोशल वेलफेयर सोसाइटी से वित्त वर्ष 2013-14 से 2016-17 के दौरान 6.235 करोड़ रुपये जौहर यूनिवर्सिटी को दिए गए।
यह दोनों संस्थाओं के महासचिव डाॅ. ओम प्रकाश अग्रवाल ने अपने बयान में बताया कि सपा के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव के दबाव में आकर उन्होंने जौहर ट्रस्ट को दान दिया था।
हालांकि ईडी ने अपनी प्राथमिकी में इन संस्थाओं को नामजद नहीं किया है। डाॅ. सरोजिनी अग्रवाल पहले समाजवादी पार्टी की एमएलसी थीं, लेकिन बाद में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गईं।
प्राथमिकी में उत्तर प्रदेश जल निगम के सीडीएस डिवीजन के 29 अगस्त 2022 के पत्र तथा एक अधिकारी के बयान का हवाला देते हुए कहा गया है कि विधायक/विधान परिषद सदस्य क्षेत्र विकास निधि से विश्वविद्यालय के निजी परिसर में 6.60 करोड़ रुपये के कार्य कराए गए।
