रामपुर, जेएनएन। सांसद आजम खां को यतीमखाना प्रकरण के दो अन्य मामलों में भी अदालत से राहत मिल गई है। अदालत ने दोनों मामलों में सांसद की जमानत अर्जी मंजूर कर ली है। इनमें सांसद पर लूट और भैंस चोरी के भी आरोप हैं। सांसद के खिलाफ यतीमखाना प्रकरण में 11 मुकदमे दर्ज हुए हैं। यह मुकदमे यतीमखाना बस्ती के लोगों ने शहर कोतवाली में कराए थे। इनमें आरोप है कि सपा सरकार में आजम खां के कहने पर पुलिस और सपाइयों ने उनके मकानों पर बुलडोजर चलवा दिया था। घर में रखी नकदी, भैंस, बकरी आदि लूट ले गए थे। इन मुकदमों सांसद की ओर से अदालत में जमानत अर्जियां दाखिल की हैं, जिन पर सुनवाई चल रही है। गुरुवार को दो मुकदमों में जमानत अर्जी पर सुनवाई हुई। इनमें एक मुकदमा नन्हे पुत्र बहादुर अली की ओर से कराया गया था। मुकदमे में आरोप है कि 15 अक्टूबर 2016 को सुबह छह बजे पूर्व सीओ सिटी आले हसन खां पुलिस फोर्स और सपाइयों को लेकर उनके घर में घुस आए। उनका कहना था कि यह जगह आजम खां ने ले ली है। अब जौहर ट्रस्ट की है। यहां आजम खां का स्कूल बनना है। इसलिए फौरन खाली कर दो, वर्ना फर्जी मुकदमों में जेल भेज देंगे। इसके बाद आरोपितों ने मारपीट कर उन्हें जबरन घर से निकाल दिया। घर में रखे 10 हजार रुपये लूट लिए और मकान पर बुलडोजर चलवा दिया। दूसरा मुकदमा कमर पुत्र बदलू की ओर से कराया गया था, जिसमें घर में घुसकर मारपीट करने, तोडफ़ोड़ करने और चार भैंसे खोलकर ले जाने का आरोप लगाया है। इन दोनों ही मुकदमों में अदालत ने जमानत अर्जी मंजूर कर ली है। 

 

Posted By: Narendra Kumar

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