रामपुर, जेएनएन। धोखाधड़ी के मुकदमे में फंसे सांसद आजम खां को शुक्रवार को अदालत में पेश नहीं किया गया। बरेली जेल से उन्हें सीतापुर जेल में वापस भेज दिया गया है। सांसद के खिलाफ एमपी एमएलए कोर्ट में आचार संहिता के मुकदमे में पेशी होनी थी, जिसमें अदालत ने 27 मार्च का समय दिया है। इसके अलावा सांसद के खिलाफ यतीमखाना प्रकरण में दर्ज मुकदमों में भी उनके अधिवक्ता द्वारा जमानत प्रार्थना पत्र दाखिल किए गए, जिस पर कोर्ट 17 मार्च को सुनवाई करेगी। सांसद को गुरुवार को सीतापुर जेल से यहां कोर्ट में पेश किया था। अदालत ने वीडियो कांफ्रेंस से पेशी के आदेश कर दिए थे। इसके बाद सांसद को बरेली जेल में दाखिल कर दिया गया। माना जा रहा था कि सांसद की लगातार दो दिन पेशी के कारण ऐसा किया गया है, लेकिन शुक्रवार सुबह पांच बजे उन्हें बरेली से सीतापुर जेल ले जाया गया। यहां उनकी पेशी नहीं हुई। 

आचार संहिता के मुकदमे की थी सुनवाई

 सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता राम औतार ङ्क्षसह सैनी ने बताया कि सांसद के खिलाफ शाहबाद कोतवाली में दर्ज आचार संहिता के मुकदमे में सुनवाई थी। अदालत ने इसमें तारीख दे दी है। अब 27 मार्च को सुनवाई होगी। इसके अलावा सांसद के अधिवक्ता ने शहर कोतवाली में दर्ज यतीमखाना प्रकरण के मुकदमों में जमानत प्रार्थना पत्र दिए। यह वे मामले में जिनमें यतीमखाना बस्ती के लोगों के मकान तोड़े गए थे। इनमें सांसद खां पर करीब दर्जन भर मुकदमे हुए थे, जिसमें भैंस चोरी, बकरी चोरी आदि के भी आरोप हैं। इन प्रार्थना पत्रों पर अदालत 17 मार्च को सुनवाई करेगी। 

आजम के पुलिस कस्टडी रिमांड पर सुनवाई आज 

सांसद आजम खां के खिलाफ पुलिस कस्टडी रिमांड पर शनिवार को सुनवाई होगी। यह मामला शत्रु संपत्ति से जुड़ा है। आजम खां के खिलाफ शत्रु संपत्ति कब्जाने का मुकदमा अजीमनगर थाने में दर्ज हुआ था। मुकदमे में आरोप है कि जौहर यूनिवर्सिटी में 13.842 हेक्टेअर शत्रु संपत्ति है। इस मुकदमे में सांसद के अलावा उनकी पत्नी विधायक डॉ. तजीन फात्मा और उनके पुत्र अब्दुल्ला आजम समेत नौ लोग नामजद हैं। 

 

Posted By: Narendra Kumar

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