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अखिलेश-आजम की मुलाकात से क्यों बढ़ी विरोधी दलों की बेचैनी? रामपुर की बिलासपुर सीट पर फंसा कांग्रेस का पेच

Published: Thu, 22 Oct 2026 07:04 PM (IST)

अखिलेश यादव ने रामपुर जेल में आजम खान से मुलाकात की, जिससे अन्य दलों में बेचैनी बढ़ गई। कांग्रेस सपा ...और पढ़ें

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HighLights

  1. गठबंधन से कांग्रेस चाहती है बिलासपुर से टिकट

जागरण संवाददाता, रामपुर। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की रामपुर जेल में बंद वरिष्ठ नेता आजम खान से गुरुवार को हुई मुलाकात पर सपा ही नहीं, दूसरे दलों की निगाहें भी टिकी रहीं। इसमें सबसे अधिक बेचैनी कांग्रेस पदाधिकारियों में दिखी। कुछ दिन पहले ही संयुक्त रूप से विधानसभा चुनाव लड़ने को लेकर सपा सांसद मोहिबुल्लाह नदवी और कांग्रेस जिलाध्यक्ष निक्कू पंडित की संयुक्त प्रेसवार्ता भी हो चुकी है।

18 अक्टूबर को रामपुर के टांडा में असदुद्दीन ओवैसी ने अखिलेश यादव पर मुसलमानों का सिर्फ इस्तेमाल करने का आरोप लगाया था। वहीं, लगभग साल भर से जेल में बंद आजम खान से अखिलेश यादव एक बार भी उनसे मिलने रामपुर नहीं पहुंचे थे।

इसको लेकर आजम खान के समर्थकों में अखिलेश के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही थी। ओवैसी की इंट्री ने इसे और तूल दे दिया। ऐसे में अखिलेश को मुस्लिम वोट बैंक में ही सेंध लगती नजर आने लगी।

माना जा रहा है कि इसी के चलते अखिलेश यादव आनन-फानन में रामपुर पहुंच गए। यहां उन्होंने वह सभी पैंतरे आजमाए जिससे मुस्लिम समुदाय में यह संदेश जाए कि अखिलेश पार्टी समेत आजम के साथ खड़े हैं।

उन्होंने मीडिया से कहा कि सहयोगी दलों से चुनाव लड़ने के लिए दावेदारी करने वालों की लंबी-चौड़ी सूची पर भी उन्होंने आजम से बात की है। मतलब साफ है कि इसके जरिये उन्होंने संदेश देने का प्रयास किया कि पार्टी उम्मीदवारों की सूची फाइनल करने में आजम खान को पूरी तरजीह दे रही है।

उधर, कांग्रेस से अगर सपा का गठबंधन होता है तो कांग्रेस भी बिलासपुर की सीट पर अपना प्रत्याशी उतारने की मंशा बनाए बैठी है। इसको लेकर कांग्रेस के पदाधिकारी भी अखिलेश-आजम की मुलाकात पर सतर्क नजरें लगाए रही।

हालांकि, सियासी पंडितों का मानना है कि अगर टिकट बंटवारे में आजम खां की चली तो यहां की सभी सीटों पर सपा प्रत्याशी ही उतारे जाएंगे। शहर विधानसभा सीट तो सपा का गढ़ रही है।

आजम खान इस सीट से 10 बार विधायक रहे हैं। स्वार-विधानसभा सीट से आजम खान दो बार बेटे अब्दुल्ला को चुनाव जिता चुके हैं। चमरौआ सीट भी आजम खान के करीबी विधायक नसीर खां के पास ही है।

पिछले चुनाव में बिलासपुर सीट भी सपा प्रत्याशी काफी कम अंतरों से भाजपा प्रत्याशी से हारा था। इसके चलते कांग्रेस उसी सीट पर अपनी दावेदारी जता रही है।

भाजपा के साथ ही उसके सहयोगी दलों में शामिल अपना दल और रालोद भी आजम से अखिलेश की मुलाकात पर नजरें गड़ाए रही। स्वार-टांडा सीट पर अपना दल के विधायक शफीक अहमद अंसारी का कब्जा है।

कांग्रेस जिलाध्यक्ष निक्कू पंडित ने कहा कि चुनाव नजदीक हैं, ऐसे में उसी के संबंध में अखिलेश आजम से मिलने रामपुर आए होंगे। कहा कि सपा से गठबंधन की स्थिति में कांग्रेस भी कम से कम एक सीट पर प्रत्याशी उतारने की तैयारी में है।

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