रायबरेली : ऊंचाहार, जगतपुर और रोहनिया ब्लाक में पंचायत प्रतिनिधि सम्मेलन का आयोजन हुआ। मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने इन सम्मेलनों में भाग लिया और ग्राम प्रधानों की बात सुनी। उन्होंने विकास को रफ्तार देने और समस्याओं को दूर कराने का भरोसा दिया।

जगतपुर ब्लाक सभागार में पूर्व प्रधान अमरेश बहादुर सिंह ने राजकीय इंटर कालेज बनाए जाने की मांग की। प्रधानों से दु‌र्व्यवहार की बात भी बताई। मंत्री ने कहा कि प्रधानों को प्रोटोकाल देना अधिकारियों की जिम्मेदारी है। मंत्री ने ग्राम प्रधानों के लिए सभागार बनाने के लिए 10 लाख रुपये अपनी निधि से देने की घोषणा की। एसडीएम राजेश कुमार और बीडीओ हरीश चंद्र गुप्त मौजूद रहे। रोहनिया में मंत्री ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों के सम्मान और स्वाभिमान के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ब्लाक प्रमुख राकेश कुमार, खंड विकास अधिकारी तेजराम वर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष रंजना चौधरी मौजूद रहे। ऊंचाहार के पंचायत प्रतिनिधि सम्मेलन में पहुंचे मंत्री का ब्लाक प्रमुख सत्यभामा मौर्या ने कई प्रधान व बीडीसी सदस्यों के साथ स्वागत किया। मुख्य अतिथि ने कहा कि किसान बागवानी से अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं। इसके लिए उन्हें जागरूक करें। जिला पंचायत सदस्य शैलेंद्र गुप्त, भाजपा मंडल अध्यक्ष पवन सिंह, अभिलाष चंद्र कौशल, राजकुमार तिवारी, प्रधान धनराज यादव, आनंद पांडेय मौजूद रहे।

'समाज के लिए अभिशाप है पालीथिन'

जागरण संवाददाता, रायबरेली: नगर पालिका की ओर से शुक्रवार को गोरा बाजार में सिगल यूज प्लास्टिक के उपयोग से बचने के लिए जागरूकता अभियान चलाया गया। अध्यक्ष और अधिशासी अधिकारी ने दुकानदारों व राहगीरों को थैला भेंट करके प्लास्टिक से बचने की सलाह दी।

नपा अध्यक्ष पूर्णिमा श्रीवास्तव ने कहा कि पालीथिन हमारे समाज और पर्यावरण दोनों के लिए अभिशाप है। इससे हम सभी को बचना चाहिए और दूसरों को भी जागरूक करना चाहिए। प्लास्टिक को हम अपने दैनिक जीवन से तभी दूर कर पाएंगे, जब इससे होने वाले नुकसान के बारे में जान पाएंगे। ये हमारे स्वास्थ्य के लिए भी बहुत घातक है। अधिशासी अधिकारी डा. आशीष सिंह ने कहा कि लोगों को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। स्कूलों में बच्चों को प्लास्टिक के दुष्प्रभावों की जानकारी दी जा रही है। वे घर जाकर अपने परिवार के लोगों को ये बातें बताकर जागरूक कर रहे हैं। सब्जी और किराना दुकानदारों को विशेष तौर पर पालीथिन में सामान न बेचने की हिदायत दी गई है। अब तक 54 किलो पालीथिन जब्त की जा चुकी है और करीब 15 हजार रुपये जुर्माना भी वसूला जा चुका है। बताया कि अब तक करीब दो हजार थैले बांटे जा चुके हैं।

Edited By: Jagran