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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 27, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

रायबरेली नरसंहारः पांच लोगों की हत्या में प्रधान के पुत्र सहित तीन गिरफ्तार

By Nawal MishraEdited By:
Published: Tue, 27 Jun 2017 08:30 PM (IST)Updated: Tue, 27 Jun 2017 09:59 PM (IST)

रायबरेली के इटौरा बुजर्ग की प्रधानी की रंजिश में सामूहिक हत्याकांड में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। एक आरोपी अभी फरार है।

रायबरेली नरसंहारः पांच लोगों की हत्या में प्रधान के पुत्र सहित तीन गिरफ्तार
रायबरेली नरसंहारः पांच लोगों की हत्या में प्रधान के पुत्र सहित तीन गिरफ्तार

रायबरेली (जेएनएन)। ऊंचाहार के इटौरा बुजर्ग गांव की प्रधानी को लेकर चल रही रंजिश में सोमवार की रात हादसा नहीं बल्कि सामूहिक हत्याकांड हुआ था। इस हत्याकांड में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। एक आरोपी अभी फरार है। तनाव को देखते हुए गांव में पुलिस और पीएसी बल तैनात कर दिया गया है। 

मूलरूप से प्रतापगढ़ के संग्रामगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत देवरा गांव के पूर्व प्रधान रोहित शुक्ल के भाई देवेश शुक्ल की ससुराल इटौरा बुजुर्ग के पूरे भुसई पांडेय का पुरवा में है। रोहित इटौरा बुजुर्ग से प्रधानी का चुनाव लडऩा चाहता था, इसलिए उसने पूरे भुसई में मकान बनवाना शुरू कर दिया।

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प्रधानी के चुनाव को लेकर रोहित की वर्तमान ग्राम प्रधान रामश्री के बेटे राजा यादव उर्फ विजय बहादुर से रंजिश हो गई। सोमवार रात लगभग आठ बजे रोहित अपने छह साथियों के साथ सफारी गाड़ी से प्रधान के घर इटौरा बुजुर्ग गांव के मजरा आप्टा पहुंचा। बताते हैं कि वहां उसके साथियों ने हवाई फायरिंग की और प्रधान के घरवालों को ललकारा। इसी बीच गांव के लोग एकत्रित हो गए और रोहित व उसके साथियों को मारने के लिए दौड़ा लिया। गांव वालों को अपनी ओर आता देख सभी गाड़ी पर सवार होकर हाईवे की ओर भागे लेकिन, रास्ते में ही उनकी कार खंभे से टकराकर पलट गई। रोहित व बृजेश शुक्ल गाड़ी में ही फंसे रह गए। वहीं अनूप मिश्र, अंकुश मिश्र, नरेश शुक्ल, देवेश शुक्ल व वीरू पांडेय कार से निकलकर भागने लगे। गांव वालों ने अनूप, अंकुश और नरेश को पकड़ लिया और खेत में ही पीट-पीटकर मार डाला। भीड़ ने पेट्रोल डालकर गाड़ी में आग लगा दी, जिसमें रोहित व बृजेश जिंदा जल गए। देवेश और वीरू ने किसी तरह भाग कर अपनी जान बचाई।

सामूहिक हत्याकांड की सूचना पर रात 11 बजे पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह मौके पर पहुंचे। कुछ ही देर में डीएम अभय भी इटौरा पहुंच गए। बड़ी वारदात होने के चलते आइजी जेएन सिंह व एडीजी अभय प्रताप भी घटना की तहकीकात करने पहुंचे। रात में ही ग्राम प्रधान के पुत्र विजय यादव, प्रदीप यादव व कृष्ण कुमार यादव को गिरफ्तार कर लिया गया। एक अन्य आरोपी पूर्व ब्लाक प्रमुख रोहनिया शिव कुमार यादव अभी फरार है। एसपी गौरव सिंह ने बताया कि चुनावी रंजिश के चलते वारदात होने की बात सामने आ रही है। संदिग्धों को गिरफ्तार करके पूछताछ की जा रही है। जल्द ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आ जाएगी।

पूरी तरह कंट्रोल में ला एंड आर्डर 

आइजी लखनऊ जय नारायण ने कहा कि ऊंचाहार के इटौरा बुजुर्ग गांव में पांच लोगों की हत्या हुई है। बड़ा मामला है। पुलिस अधीक्षक को सभी हत्यारोपियों को पकडऩे व उपद्रव करने वालों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। एडीजी ला एंड आर्डर अभय प्रताप ने कहा कि अब ला एंड आर्डर पूरी तरह कंट्रोल में है। गांव में पर्याप्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। संदिग्धों की तलाश के लिए पुलिस टीमें काम कर रही हैं। जल्द ही वारदात में शामिल सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। जिलाधिकारी अभय सिंह ने कहा कि गांव में ला एंड आर्डर के लिए पुलिस व पीएसी तैनात की गई है। उपद्रव करने वालों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्य हत्यारोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।