रायबरेली : कोरोना की चेन को तोड़ने के लिए मार्च में लॉकडाउन लगाया गया था। सभी अपने घरों में थे। लेकिन, बड़ा मठ के शिष्यों ने इस समय का भी सदुपयोग किया। लॉकडाउन में ही महामंडलेश्वर के संकल्प से गीता का पाठ पढ़ाया गया। सभी अध्याय पूरा होने पर मंगलवार को शिष्यों ने पूजन किया।

श्री राधा कृष्ण संस्कृत महाविद्यालय के प्रबंधक महामंडलेश्वर स्वामी देवेंद्रानंद गिरि ने लॉकडाउन के दौरान मार्च के महीने में आश्रम में रहने वाले ब्रह्मचारी युवा छात्रों को गीता का पाठ पढ़ाने का संकल्प लिया था। कोरोना काल में समय का सदुपयोग करने के लिए प्रतिदिन चार से 10 श्लोकों का अर्थ समझाया जाता था। आश्रम में महामंडलेश्वर ने स्वयं को और शिष्यों व ब्रह्मचारियों को होम क्वारंटाइन करके तीन माह में 18 अध्याय गीता पूरी की। धार्मिक ग्रंथ गीता के सभी अध्याय पूरे होने पर विधि पूर्वक छात्रों ने निज धर्म का मार्ग दिखाने वाले ग्रंथ गीता और महामंडलेश्वर का पूजन किया। महामंडलेश्वर ने बताया कि सभी को प्रतिदिन गीता पढनी चाहिए। इस दौरान ब्रह्मचारी दिव्यानंद गिरि, गीतानंद गिरि, आचार्य शिवानंद, संदीप मिश्र, सुधाकर शास्त्री, मोनू मिश्र, संजू त्रिपाठी सहित आश्रम के शिष्य मौजूद रहे।

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