अभावों से निकल रायबरेली की रूबी बनीं मिसाल, हैंड ब्लॉक प्रिंट से चमकी किस्मत; विदेश तक पहुंचा हुनर
रायबरेली की रूबी ने अपने हुनर और मेहनत से हैंड ब्लॉक प्रिंटिंग के माध्यम से न केवल देश में बल्कि ...और पढ़ें
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यह तस्वीर एआई के द्वारा बनाई गई है।
HighLights
रूबी ने हैंड ब्लॉक प्रिंटिंग से अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाई।
'उजाला आजीविका समूह' से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया।
डिप्टी सीएम ने रूबी के उत्पादों की सराहना की।
जागरण संवाददाता। रायबरेली। जिले की बेटियां अपने हुनर से देश ही नहीं, विदेशों में भी नाम कमा रही हैं। खुद के साथ ही अन्य युवतियों व महिलाओं को रोजगार से जोड़कर उनके जीवन में खुशियां भर रही हैं। अपने हुनर व मेहनत के बल पर भांव की रूबी भी एक मिसाल बन गई हैं। शादी के बाद रूबी का जीवन अभाव में रहा, लेकिन वह इस जीवन से निकलना चाहती थी। साथ ही अपनी ही तरह की युवतियों के जीवन को भी बदलने की चाहत थी।
साल 2021 में रूबी ने सादे कपड़े में हैंड ब्लाक प्रिंट का प्रशिक्षण लिया। इसके बाद उन्होंने घर से ही इस काम को शुरू किया। पारिवारिक दबाव के बाद भी वह संघर्ष कर आगे बढ़ती रहीं। हालाकि, इस काम में उनके पति इकराम वारिश का सहयोग मिला। साल 2023 में रूबी ने उजाला आजीविका स्वयं सहायता समूह बनाया। आजीविका मिशन की तरफ से उन्हें लोन मिला और काम को आगे बढ़ाया।
उन्होंने अन्य लड़कियों को इसका प्रशिक्षण दिया और उन्हें अपने साथ जोड़ा। उन्होंने अब तक कई समूह बनाए, जिनके जरिए महिलाएं आत्मनिर्भर बनी। रूबी ने पहले अपने सूट, साड़ी और दुपट्टे को जिले के सरस मेला व अन्य प्रदर्शनी के माध्यम से प्रदर्शित किया। जहां उनके प्रोडक्ट को सराहा जाने लगा। धीरे-धीरे उनके प्रोडक्ट की मांग बढ़ गई। इसके बाद लखनऊ से लेकर अन्य प्रदेशों तक उनके प्रोडक्ट का स्टाल लगने लगा।
रूबी को इंटरनेशनल प्लेटफार्म मिला। उनके और गुरुग्राम के वेब फोर भारत कंपनी के मालिक विनय कुमार के बीच समझौता हुआ। एमओयू पर हस्ताक्षर के बाद समूह के उत्पादों को अब बाजार मिल सकेगा। नोएडा के ट्रेड शो में रूबी को अपने कपड़ों के स्टाल लगाने का मौका मिला। जहां विदेशी कंपनियां भी रहीं। कार्यक्रम में पहुंचे डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने रुबी के उत्पाद की सराहना करते हुए आगे बढ़ाने की शुभकामनाएं दी। रुबी की सोच अब कई महिलाओं और किशोरियों के लिए प्रेरणा बन चुकी है। वह लगातार युवतियों को आत्मनिर्भर बनाने का अभियान चला रही हैं।
