रायबरेली में मुआवजे का झूठा विवाद, पिता ने भी बेटी के आरोपों को बताया गलत; लेखपाल को मिली क्लीन चिट
रायबरेली में घर गिरने के मुआवजे को लेकर लेखपाल पर रिश्वत और अनुचित मांग के आरोप जांच में बेबुनियाद पाए ...और पढ़ें

यह तस्वीर एआई के द्वारा बनाई गई है।
HighLights
लेखपाल पर रिश्वत और अनुचित मांग के आरोप लगे थे।
जिलाधिकारी के निर्देश पर एसडीएम ने जांच कराई।
जांच में लेखपाल को क्लीन चिट मिली, आरोप बेबुनियाद।
जागरण संवाददाता, रायबरेली। घर गिरने के मुआवजे के लिए लेखपाल पर रिश्वत मांगने और पैसा न देने पर बेटी को मांगने का आरोप जांच में बेबुनियाद मिला है। जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका के निर्देश पर एसडीएम लालगंज ने कराई जांच में लेखपाल के खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि नहीं हुई। महिला के पिता ने भी बेटी के आरोपों को गलत बताया है।
हालांकि, मामले की विस्तृत जांच के लिए तहसीलदार की अध्यक्षता में एक और टीम गठित की गई है। वहीं, भाजपा जिलाध्यक्ष बुद्धि लाल पासी ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर बिना सच्चाई जाने एक्स पर टिप्पणी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ऐसे बयान जनता को गुमराह करते हैं और अखिलेश को मामले की सच्चाई सामने आने के बाद जनता से माफी मांगनी चाहिए।
महिला ने पांच सितंबर को आरोप लगाया था कि क्षेत्रीय लेखपाल ने उसके घर का हिस्सा गिरने पर मिलने वाले मुआवजे के बदले रिश्वत मांगी। आरोप था कि पैसा नहीं देने पर लेखपाल ने उसकी बेटी को अपने हवाले करने की बात कही और ऐसा न करने पर गलत रिपोर्ट लगा दी। सात सितंबर को मामला इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित होने के बाद प्रशासन ने जांच कराई। एसडीएम की रिपोर्ट के अनुसार मकान का एक हिस्सा पहले ही गिर गया था। परिवार की ओर से मुआवजे के लिए कोई मांग नहीं की गई थी।
उनकी विवाहित बेटी पिता के घर गिरने पर मिलने वाले मुआवजे में अपना हिस्सा चाहती थी। जांच में लेखपाल पर लगाए गए आरोपों की पुष्टि नहीं हुई। ग्राम प्रधान और ग्रामीणों ने भी आरोपों को गलत बताया। महिला के पिता ने कहा कि वह 15 वर्षों से बेटी के व्यवहार से परेशान हैं और उसके लगाए आरोप गलत हैं। दूसरी जांच के लिए गठित टीम अब सभी पक्षों के बयान और अभिलेखों की पड़ताल करेगी।
