तकनीक और युवाओं के प्रयास से 12 साल बाद अपनों से मिला वृद्ध, रायबरेली में बुजुर्ग का गूगल सैटेलाइट से खोज निकाला घर
रायबरेली के बछरावां में 12 साल से बिछड़े एक वृद्ध बाबू को युवाओं और गूगल सैटेलाइट की मदद से उनके ...और पढ़ें
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यह तस्वीर एआई द्वारा बनाई गई है।
HighLights
12 साल बाद वृद्ध बाबू का परिवार से मिलन।
गूगल सैटेलाइट तकनीक से मथुरा में घर का पता चला।
युवाओं और अधिवक्ता अरविंद पटेल ने की मदद।
संवाद सूत्र, बछरावां (रायबरेली)। वक्त की धुंध में खो चुके अपनों का पता जब तकनीक के सहारे मिला तो 12 वर्षों से घर से दूर रह रहे वृद्ध की जिंदगी में फिर खुशियां लौट आईं। युवाओं की पहल से मथुरा जिले के सकूरा खास के रहने वाले वृद्ध आखिरकार अपने परिवाजरन से मिल सके। सकूरा खास निवासी बाबू करीब 12 वर्ष पहले दो युवकों के साथ मजदूरी करने के सिलसिले में बछरावां आए थे।
कुछ दिन बाद दोनों युवक उन्हें छोड़कर कहीं चले गए। इसके बाद बाबू यहीं रहकर मजदूरी करने लगे और इसी के सहारे अपना जीवनयापन करते रहे। समय बीतता गया, लेकिन घर और परिवार से उनका संपर्क नहीं हो सका। इस बीच कुछ युवकों ने बाबू को उनके परिवारजन तक पहुंचाने की पहल की। उनके गांव का सटीक पता लगाने के लिए गूगल सैटेलाइट तकनीक की मदद ली गई।
काफी प्रयास के बाद गांव का पता चला तो वहां रहने वाले एक पेंटर से संपर्क साधा गया। उसके माध्यम से बाबू के परिवार तक सूचना पहुंचाई गई। सूचना मिली तो परिवारजन बछरावां पहुंचे और बाबू को अपने साथ घर ले गए। 12 वर्षों बाद परिवार से मिलन ने इस पहल को यादगार बना दिया। युवाओं की संवेदनशीलता, तकनीक के सकारात्मक इस्तेमाल और अधिवक्ता अरविंद पटेल के सहयोग से बिछड़े वृद्ध को अपनों का साथ मिल सका।
