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रायबरेली रामलीला मैदान में नहीं लगेगा एतिहासिक दशहरा मेला, हटाई गई दुकानें

Published: Sat, 17 Oct 2026 09:01 PM (IST)

रायबरेली के रामलीला मैदान में भूमि विवाद के कारण ऐतिहासिक दशहरा मेले के आयोजन पर संकट आ गया है। उच्च ...और पढ़ें

रामलीला मैदान में नहीं लगेगा एतिहासिक दशहरा मेला।

रामलीला मैदान में नहीं लगेगा एतिहासिक दशहरा मेला।

HighLights

  1. ऊंचाहार रामलीला मैदान में दशहरा मेले पर संकट।

  2. उच्च न्यायालय ने भूमि पर यथास्थिति का आदेश दिया।

  3. प्रशासन ने मेला स्थल से सभी दुकानें हटवाईं।

संवाद सूत्र, ऊंचाहार (रायबरेली)। नगर के रेलवे स्टेशन रोड स्थित रामलीला मैदान की भूमि के स्वामित्व को लेकर चल रहे विवाद में ऐतिहासिक दशहरा मेले के आयोजन पर एक बार फिर संकट खड़ा हो गया है। उच्च न्यायालय ने एसडीएम की आख्या के आधार पर भूमि पर यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया है।

इसके अनुपालन में प्रशासन ने शुक्रवार देर शाम मेला स्थल पर लगाए गए झूलों समेत सभी दुकानें हटवा दी हैं। इससे जहां दुकानदारों व क्षेत्रीय लोगों में आक्रोश है, वहीं आयोजित हो रहे मेले पर रोक के बाद मेला कमेटी ने दूसरे स्थान पर आयोजन की तैयारी शुरू कर दी है।

बस स्टैंड से रेलवे स्टेशन को जाने वाली सड़क से मिली हुई करीब पांच बीघे से अधिक भूमि पर 80 सालों से रामलीला व दशहरा मेले का आयोजन होता रहा है। करीब 30 साल पहले रायबरेली निवासी सूरजमल मुरारका ने भूमि पर अपने स्वामित्व का दावा करते हुए न्यायालय में वाद दायर किया था।

प्रारंभिक सुनवाई में एसडीएम न्यायालय ने उनका दावा खारिज कर दिया था। बाद में राजस्व परिषद द्वारा विवादित भूमि के स्वामित्व को लेकर मुरारका के पक्ष में निर्णय दिया। इसके बाद वर्ष 2007 में उच्च न्यायालय ने मेले के आयोजन पर रोक लगा दी थी।

मेला कमेटी की ओर से राजस्व परिषद में पक्ष रखे जाने के बाद वर्ष 2023 में आयोजन की अनुमति मिली और मेला फिर शुरू हो गया। इसी बीच मामला दोबारा उच्च न्यायालय पहुंचा। वादी सूरजमल मुरारका के पुत्र प्रकाश मुरारका ने मेला कमेटी के आठ लोगों को पक्षकार बनाया।

न्यायालय से नोटिस जारी होने के बाद एसडीएम ऊंचाहार ने आख्या प्रस्तुत की। इसमें दिसंबर 2023 में राजस्व परिषद की ओर से स्थगन आदेश जारी किए जाने का उल्लेख किया गया।

इसके आधार पर उच्च न्यायालय ने विवादित भूमि पर यथास्थिति बनाए रखने का आदेश कर दिया है। एसडीएम विवेक राजपूत का कहना है कि उच्च न्यायालय के स्थगन आदेश के बाद रामलीला मैदान से दुकानें हटवाई गई हैं।

मेला कमेटी ने उठाए सवाल

आयोजन समिति से जुड़े नगर पंचायत प्रतिनिधि कृष्णचंद जायसवाल, रामलीला कमेटी के अध्यक्ष रमेश कुमार मौर्य, निर्मल पेड़ीपाल, डा अमरनाथ त्रिपाठी, राजू सोनी ने बताया कि बिना पूर्व सूचना के एसडीएम द्वारा स्थगन आदेश आख्या का जिक्र किया गया है। यदि वर्ष 2023 में ही रोक लग गई थी तो 2024 और 2025 में मेला कैसे आयोजित किया गया। उन्होंने कहा कि मेला कमेटी को उच्च न्यायालय से भी किसी तरह की नोटिस नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं से परामर्श के बाद वो उच्च न्यायालय में अपील करेंगे।