बारिश और फसल गिरने से रायबरेली के 1730 किसानों को नुकसान, अब तहसील स्तर पर टीमें करेंगी जांच
बारिश और तेज हवाओं के कारण रायबरेली में धान की फसल को भारी नुकसान हुआ है, जिससे 1730 किसानों ने ...और पढ़ें

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HighLights
बारिश और तेज हवा से रायबरेली में धान की फसल को नुकसान।
1730 किसानों ने फसल क्षतिपूर्ति के लिए शिकायत दर्ज कराई।
तहसील स्तर पर टीमें नुकसान का आकलन करने में जुटी हैं।
जागरण संवाददाता, रायबरेली। किसान फसल का बीमा कराता कि किसी कोई आपदा की स्थिति में उसकी भरपाई हो सके। बीते दिनों बारिश और तेज हवा के कारण धान की फसल गिरने से काफी किसानों को नुकसान पहुंचा है।
इन किसानों के नुकसान का आकलन करने के लिए तहसील स्तर पर टीमें गठित की गई हैं। ये टीमें गांव-गांव जाकर एक-एक शिकायत की जांच करके रिपोर्ट सौंपेंगी। हालांकि, बीमा कंपनी की शर्तों के कारण किसानों के नुकसान की भरपाई की उम्मीद काफी कम है।
बीते सप्ताह कई दिनों तक अत्यधिक बारिश और तेज हवाओं के कारण धान समेत अन्य फसलों को काफी नुकसान पहुंचा था। जिले में करीब सवा लाख हेक्टेयर से अधिक में धान की खेती हैं। इसमें से काफी किसानों ने फसलों का बीमा भी करा रखा है। अत्यधिक बारिश और फसल गिरने से 1730 किसानों ने कृषि विभाग और बीमा कंपनी के अधिकारियों से शिकायत दर्ज कराई है।
तहसील स्तर पर टीमें बनाई
ये सभी बीमित किसान हैं। बीमित फसलों के जलप्लावन से हुए व्यक्तिगत नुकसान पर क्षतिपूर्ति देने का प्रावधान नहीं है। ग्राम पंचायत स्तर पर 50 प्रतिशत से अधिक नुकसान पर क्षतिपूर्ति मिलती है। नुकसान के आकलन के लिए तहसील स्तर पर टीमें बनाई गई हैं।
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टीम में तहसीलदार, एसडीओ कृषि, बीमा कंपनी के तहसील प्रतिनिधि गांव-गांव सर्वे करके रिपोर्ट सौंपेंगे। इसी आधार पर किसानों को क्षतिपूर्ति निर्धारित की जाएगी। हालांकि, एक माह पूर्व तेज बारिश और जलभराव से हुए फसल नुकसान को लेकर 900 किसानों ने शिकायत दर्ज कराई थी। इन किसानों के यहां भी टीमों ने जाकर आकलन किया था, लेकिन किसान क्षतिपूर्ति के दायरे में नहीं आ सके।
1730 किसानों ने नुकसान की शिकायत दर्ज कराई है। तहसील स्तर पर टीमें गठित की गई हैं, ये टीमें गांव-गांव जाकर सर्वे करके नुकसान का आकलन करेंगी। -अखिलेश पांडेय, जिला कृषि अधिकारी
