रायबरेली में घर के दरवाजे पर पहुंचा बड़ा मगरमच्छ, लोगों ने पालतू जानवर की तरह रस्सी के सहारे पेड़ से बांधा
रायबरेली के जढैया मजरे कल्यानपुर सुरजई गांव में एक मगरमच्छ मेवालाल के घर के दरवाजे पर पहुंच गया। ग्रामीणों ने रातभर रखवाली कर उसे पेड़ से बांध दिया।
HighLights
रायबरेली के कल्यानपुर गांव में घर के पास मिला मगरमच्छ।
ग्रामीणों ने रातभर रखवाली कर मगरमच्छ को पेड़ से बांधा।
वन विभाग मगरमच्छ को गंगा नदी में छोड़ेगा, सुरक्षित रेस्क्यू।
संवाद सूत्र, रायबरेली। जढैया मजरे कल्यानपुर सुरजई गांव में रविवार की रात मेवालाल के दरवाजे एक मगरमच्छ पहुंच गया। जानवरों को देख चीत्कार करने लगा। उसकी आवाज सुनकर काफी लोग मौके पर पहुंचे। रातभर रखवाली करने के बाद ग्रामीणों ने उसे रस्सी के सहारे पेड़ से बांध दिया। वन विभाग के अधिकारी ने बताया कि इसे गंगा में छोड़ा जाएगा।
मेवालाल रात दो बजे जागकर घर के पास जानवरों को देखने गए थे। इसी बीच उन्हें चीत्कार की आवाज सुनाई दी। वह पास गए तो एक मगरमच्छ दिखाई दिया। शोर मचाने पर आसपास के लोग इकट्ठा हो गए।
ग्रामीणों के प्रयास के बाद मगरमच्छ खेतों से होते हुए राममिलन की बाग में पहुंच गया। रातभर ग्रामीण उसकी रखवाली करते रहे। सोमवार की सुबह ग्रामीणों ने मगरमच्छ के गले में फंदा लगाकर आम के पेड़ से बांध दिया गया। ग्रामीणों ने वन विभाग को सूचना दी।
जंगल में छोड़ा जाएगा मगरमच्छ
गांव निवासी हरिश्चंद्र, रामखेलावन, धुन्ना, रामकुमार, राहुल, विजय, हीरा, गुड्डू, राजू ने बताया कि गांव से थोड़ी दूर पर छोभ नाला है। जिसका पानी गंगा नदी में जाता है। बारिश के चलते खेत व नाले का पानी एक हो गया था।
एक अनुमान के मुताबिक भारी बारिश के समय मगरमच्छ रास्ता भटक गया। जलभराव कम होने पर गांव की ओर पहुंच गया। हालांकि ग्रामीणों की सतर्कता के चलते बड़ा हादसा टल गया। वन विभाग के रेंजर रवि भारती वन विभाग की टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि मगरमच्छ को पकड़कर गंगा नदी में छोड़ा जाएगा।
