रायबरेली में जनसुविधा केंद्रों में सेवाएं न देने पर 326 पंचायत सहायकों का रोका वेतन
रायबरेली में जनसुविधा केंद्र की सेवाएं न देने पर जिला पंचायत राज अधिकारी ने 326 पंचायत सहायकों का अगस्त माह ...और पढ़ें

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HighLights
326 पंचायत सहायकों का अगस्त माह का वेतन रोका गया।
जनसुविधा केंद्र की सेवाएं न देने पर हुई कार्रवाई।
डीपीआरओ ने लापरवाह सहायकों को कड़ी चेतावनी जारी की।
जागरण संवाददाता, रायबरेली। जिला पंचायत राज अधिकारी ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। बड़ी कार्रवाई करते हुए जनसुविधा केंद्र की सेवा न देने पर 326 पंचायत सहायकों का अगस्त माह का वेतन रोक दिया है। इसके बाद अन्य पंचायत सहायकों में खलबली मच गई है।
शासन द्वारा करीब सभी 980 ग्राम पंचायतों में जन सुविधा केंद्र खोल गए है, जिसमें आय, जाति, निवास व राशन कार्ड सहित करीब 58 सेवाएं दी जाती हैं। इससे ग्रामीणों को बड़ी सुविधा है। पहले ग्रामीणों को इन सेवाओं के आवेदन के लिए गांव से दूर जाना पड़ता था। कभी-कभी मुख्यालय का भी चक्कर लगाना पड़ता था। इसमें ग्रामीणों का समय व धन दोनों बर्बाद होता था।
सेवा का शुल्क महज 30 रुपये है निर्धारित
गांवों में खुले जनसुविधा केंद्र में हर सेवा का शुल्क महज 30 रुपये निर्धारित है। वहीं, कैफे वाले व अन्य कंप्यूटर दुकानदार इन कामों के लिए 100 रुपये व अधिक पैसे लेते हैं। गांवों में जनसुविधा केंद्र खुलने से ग्रामीणों को इन सभी परेशानी से निजात मिल गई है।
डीपीआरओ द्वारा 18 ब्लाकों के गांवों में दी जा रही इन सुविधाओं की समीक्षा की गई, जिसमें पाया गया कि करीब सभी ब्लाक को मिलाकर तीन सौ 28 गांवों के पंचायत सहायक ग्रामीणों को यह सुविधा देने में उदासीनता बरत रहे हैं। मामले को लेकर डीपीआरओ ने सख्त रुख अपनाया।
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उन्होंने लापरवाह पंचायत सहायकों को कड़ी चेतावनी देते हुए अगस्त माह का वेतन रोक दिया। उन्होंने कहा अगर तत्काल प्रभाव से सभी सेवाएं सुचारू रूप से ग्रामीणों को नहीं मिली तो विभागीय कार्रवाई कर दी जाएगी, जिसकी समस्त जिम्मेदारी पंचायत सहायकों की होगी।
