रायबरेली : विकास भवन स्थित महात्मा गांधी सभागार में सोशल आडिट जन सहभागिता, पारदर्शिता एवं जागरूकता अभियान के अंतर्गत जनपद स्तरीय सोशल आडिट सेमिनार का आयोजन किया गया। इसमें सोशल आडिट की उपयोगिता और योजनाओं पर प्रभाव के बारे में बताया गया। कहा गया कि इसके जरिए कार्य की गुणवत्ता की निगरानी की जाती है।

मुख्य अतिथि विधायक रामनरेश रावत ने कहा कि सोशल आडिट पारदर्शिता, जवाबदेही के लिए कराया जाता है। इससे ग्रामीण क्षेत्र में मनरेगा से कराए गए कार्यों सड़क, नाली, खड़ंजा निर्माण सहित अन्य की गुणवत्ता पर सीधी नजर रहती है। वर्ष के अंत में मनरेगा के कार्यों का सोशल आडिट कराया जाना ही इस योजना का प्रमुख उद्देश्य है। इससे पहले जिला विकास अधिकारी एसएन चौरसिया ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया। ब्लाक प्रमुख दल बहादुर सिंह, परियोजना निदेशक प्रेमचंद्र पटेल, क्षेत्रीय ग्राम्य विकास संस्थान आचार्य अनूप कुमार, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संगठन के पदाधिकारी अनिल मिश्र, जय सिंह सेंगर के साथ महर्षि वाल्मीकि और महात्मा गांधी जी के चित्रों पर माल्यार्पण किया गया।

संस्थान के ही प्रसार प्रशिक्षण अधिकारी एमएस गुप्त ने सोशल आडिट प्रक्रिया की संपूर्ण जानकारी प्रोजेक्टर के माध्यम से दी। परियोजना निदेशक ने प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के बारे में जानकारी देते हुए पात्र व्यक्तियों को योजना का लाभ मिले, इसके लिए पारदर्शिता लाने के लिए सोशल आडिट टीम को सहयोग करने की बात कही। जिला विकास अधिकारी ने कहा कि इससे समाज के लिए किए गए कार्यों का सत्यापन समाज के ही लोगों द्वारा किया जाता है। सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में भ्रष्टाचार पर काफी रोक लगी है।

Edited By: Jagran