रायबरेली : मकर संक्रांति को लेकर हर तरफ उल्लास है। गंगा तटों पर श्रद्धालुओं को कोई दिक्कत न हो इसके लिए साफ-सफाई का काम अंतिम चरण में है। सर्दी से बचने के लिए अलाव जलवाने के भी निर्देश दिए गए हैं। इस दिन गंगा स्नान के बाद पुरोहितों को दान देने का प्रचलन है। इसके साथ ही बाजार पतंगों से पटे हुए हैं। बच्चों को लुभाने के लिए कार्टून तो राजनीतिक दिग्गजों वाले पतंगों की भरमार है। एक दिन पहले ही छोटे से लेकर बड़े चरखी लेकर मैदान में नजर आने लगे हैं।

आसमान में पतंगों की जंग, खूब लड़ेंगे पेंच

गुरुवार को पर्व है। ऐसे में हर कोई उत्साहित है। बच्चे, बड़े या फिर बुजुर्ग सभी बढ़-चढ़कर शामिल होते हैं। आसमान में अलग ही जंग देखने को मिलती है। सभी एक-दूसरे की पतंगों को काटने की पूरी कोशिश करते हैं। बुधवार को डिग्री कॉलेज चौराहा, सुपर मार्केट, बेलीगंज, स्टेशन रोड, कहारों का अड्डा, बस स्टेशन, पुलिस लाइंस, रतापुर चौराहा, गोरा बाजार आदि स्थानों पर दुकानें लगी रही।

चाइनीज मंझों पर नहीं अंकुश

चाइनीज मंझे को लेकर भले ही अलर्ट जारी कर दिया गया हो, लेकिन अंकुश नहीं लग पा रहा है। गुपचुप तरीके से दुकानदार बिक्री कर रहे हैं। उनका कहना है कि निर्माताओं पर कोई रोक नहीं है। खतरनाक होने के बाद भी सरकार दोहरी नीति अपनाए हुए है। शुभ मुहूर्त में करे दान

डलमऊ बड़ा मठ के स्वामी देवेंद्रानंद गिरि ने कहा कि सूर्य व पवित्र नदियों की आराधना व अन्न(फसलों) के सम्मान के रूप में यह पर्व मनाया जाता है। खिचड़ी, तिल व गर्म कपड़े जरूरतमंदों को दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। शुभ मुहूर्त सुबह तीन बजे से तीसरे पहर तीन बजे तक है। डलमऊ एसडीएम सविता यादव ने बेहतर व्यवस्था बनाने के निर्देश नगर पंचायत को दिए हैं। नगर पंचायत अध्यक्ष पं. बृजेश दत्त गौड़ ने बताया कि सभी गंगा घाटों पर साफ-सफाई और अलाव जलवाने को कहा गया है।

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