खिलाड़ियों के मुश्किल भरे डगर में एकलव्य बनेगा सहारा

रायबरेली : अब खेल प्रतिभाओं की राह में आर्थिक हालात रोड़ा नहीं बन सकेगा। प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए सरकार की ओर से नई पहल की गई है। उनकी मदद के लिए एकलव्य क्रीड़ा कोष बनाया गया है। इसका उद्देश्य हर मुश्किल हालात में मदद करना है। उन्हें अभ्यास से लेकर बीमारी और दुर्घटना की स्थिति में आर्थिक मदद मिल सकेगी। निदेशालय की ओर से इस संबंध में जिला क्रीड़ा अधिकारी को पत्र जारी कर विवरण मांगा गया है। खेल को बढ़ावा देने के लिए उठाया कदम: सरकार की ओर से खेल और खिलाड़ियों के प्रोत्साहन, संवर्द्धन पर विशेष जोर दिया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्र में तमाम खिलाड़ी सिर्फ इसलिए आगे नहीं बढ़ पाते, क्योंकि उनकी जरूरतों को पूरा करने के लिए अभिभावक सक्षम नहीं होते हैं। अपने खेल को जैसे-तैसे आगे बढ़ाने के लिए संघर्ष करते हैं। शीर्ष पर पहुंचने से पहले ही आर्थिक तंगी से जूझना पड़ता है। ऐसे में खिलाड़ी निराश होकर दूसरी राह पर चल पड़ते हैं। इन्हीं खिलाड़ियों को तराशने के लिए सरकार ने यह पहल की है। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खिलाड़ियों की राह आसान: एकलव्य क्रीड़ा कोष के माध्यम से उन्हें हरसंभव सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खिलाड़ियों की राह आसान हो जाएगी। मानक पूरा करने वाले खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में अभ्यास के लिए फेलोशिप देने की व्यवस्था है। चोटिल होने पर इलाज के लिए आर्थिक मदद दी जाएगी। इसमें दो से पांच लाख तक की मदद मिलेगी। इन प्रतियोगिताओं में खिलाड़ियों को मिलेगा लाभ: ओलंपिक गेम्स, कामनवेल्थ गेम्स, एशियन गेम्स, वर्ल्ड चैंपियनशिप, वर्ल्ड कप, एफ्रो एशियन गेम्स, सैफ गेम्स, राष्ट्रीय चैंपियनशिप में प्रदेश के पदक विजेता खिलाड़ी को दुर्घटना की स्थित समेत अन्य विपरीत हालात में लाभ मिल सकेगा। वर्जन सरकार की ओर से खेल को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एकलव्य क्रीड़ा कोष बनाया गया है। इसके लिए इच्छुक खिलाड़ी किसी भी कार्य दिवस में आवेदन पत्र जमा कर सकते हैं। पात्रता के सत्यापन के बाद उन्हें योजना से लाभान्वित किया जाएगा। - सर्वेंद्र सिंह चौहान, जिला क्रीड़ाधिकारी

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