रायबरेली : एसओजी और सलोन पुलिस ने मंगलवार की रात हुई मुठभेड़ में 25 हजार के इनामी बदमाश को गिरफ्तार कर लिया। उसके पैर में गोली लगी है। बदमाश के दो साथी 27 जून को पकड़ लिए गए थे, जिनके पास से टप्पेबाजी करके हड़पे गए जेवरात बरामद किए गए थे। गिरोह में शामिल बदमाश जेवरात की सफाई करने की बात बताकर टप्पेबाजी करते थे। 22 जून को इन्होंने सलोन के सूची गांव में महिला को चकमा देकर उसके जेवरात पार कर दिए। पुलिस अभी घटना की जांच कर ही रही थी कि शहर कोतवाली के इंदिरा नगर में भी ठीक उसी तरह घटना को अंजाम दिया गया। दो दिनों के भीतर एक तरह की दो वारदातों होने पर पुलिस अधिकारी भी चौकन्ना हो गए और बदमाशों की धरपकड़ के लिए एसओजी को लगा दिया। गिरोह के दो सदस्य बिहार के बेगुसराय निवासी विकास कुमार और आगरा के पदमानगला थाना सदर के महेश कुमार को 27 जून को पकड़ कर जेल भेज दिया गया। दीपक उस वक्त पुलिस के हाथ से निकल गया था। एसपी ने उस पर 25 हजार का ईनाम घोषित कर दिया था। 28 जून की रात उसकी लोकेशन सलोन क्षेत्र में मिली। एसओजी ने उसका पीछा किया और सलोन पुलिस को भी सक्रिय कर दिया। कोतवाल संजय त्यागी और सूची चौकी इंचार्ज प्रवीर गौतम ने तारकोलवा मोड़ के पास घेराबंदी कर ली। दीपक के पीछे एसओजी लगी थी। तारकोलवा मोड़ पर खुद को पुलिस से घिरा देख दीपक ने फायर कर दिया। पुलिस ने भी जवाबी फायरिग की। दीपक के दाहिने पैर में गोली लगी तो वह सड़क पर गिर पड़ा। पुलिस ने उसे पकड़ा और इलाज के लिए सीएचसी लाई। बाद में उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्राथमिक उपचार के बाद बुधवार की शाम उसे जेल भेज दिया गया।

वर्जन, दीपक शातिर बदमाश है। उसका आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है। टप्पेबाजी करने वाले गिरोह पर गैंगस्टर की कार्रवाई कराई जाएगी।

विश्वजीत श्रीवास्तव, अपर पुलिस अधीक्षक

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