एम्स रायबरेली को सबसे अधिक इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड बनाने पर मिला आयुष्मान मेधा सम्मान
एम्स रायबरेली को प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में सर्वाधिक इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड (EHR) तैयार करने के लिए आयुष्मान मेधा सम्मान से नवाजा गया है।

लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम में डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रदान किया गया।
जागरण संवाददाता, रायबरेली। डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एम्स ने एक और उपलब्धि हासिल की है। प्रदेश के सरकारी मेडिकल कालेजों में स्वास्थ्य सूचना प्रणाली (एचआइएस) के तहत सर्वाधिक इलेक्ट्रानिक हेल्थ रिकार्ड (ईएचआर) तैयार करने के लिए संस्थान को आयुष्मान मेधा सम्मान से सम्मानित किया गया।
लखनऊ में कार्यक्रम का आयोजन आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन और चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण निदेशालय की संयुक्त पहल के तहत हुआ। इसका उद्देश्य प्रदेश के मेडिकल कालेजों में डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने के साथ आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन को प्रभावी ढंग से लागू करना है।
एम्स को स्वास्थ्य सूचना प्रणाली के माध्यम से बड़ी संख्या में इलेक्ट्रानिक हेल्थ रिकार्ड तैयार करने में बेहतर प्रदर्शन के लिए यह सम्मान मिला है।
इलेक्ट्रानिक हेल्थ रिकार्ड मरीजों की स्वास्थ्य संबंधी जानकारी को डिजिटल रूप से व्यवस्थित करने में सहायक हैं। इससे मरीजों के उपचार में निरंतरता, स्वास्थ्य सेवाओं की सुलभता और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में मदद मिलती है। मुख्य अतिथि व चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग की प्रधान सचिव वी. हेकाली झिमोमी ने पुरस्कार प्रदान किया।
संस्थान की ओर से अपर चिकित्सा अधीक्षक डा. नीरज कुमार श्रीवास्तव ने सम्मान लिया। संस्थान के अधिकारियों के अनुसार यह उपलब्धि क्लीनिकल, नर्सिंग, तकनीकी, सूचना प्रौद्योगिकी और प्रशासनिक टीमों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है।
कार्यकारी निदेशक प्रो. डा. अमिता जैन के नेतृत्व में संस्थान लगातार डिजिटल स्वास्थ्य प्रक्रियाओं को मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है। कार्यक्रम में नेशनल हेल्थ अथारिटी, स्टेट एजेंसी फार कंप्रिहेंसिव हेल्थ एंड इंटीग्रेटेड सर्विसेज, चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण निदेशालय तथा आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन से जुड़े अधिकारी और प्रतिनिधि मौजूद रहे।