यूपी में शिक्षक भर्ती: 15 साल में 38 लाख अभ्यर्थियों ने TET पास की, पद सिर्फ 3.2 लाख
पिछले 15 सालों में उप्र में 38 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पास की है, जबकि ...और पढ़ें

यूपी में वर्ष 2011 में पहली बार शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) शुरू की गई थी।
HighLights
वर्ष 2011 में पहली बार शुरू की गई थी शिक्षक पात्रता परीक्षा
उत्तीर्ण अभ्यर्थियों की तुलना में मात्र 8.46 प्रतिशत पद विज्ञापित
अमलेन्दु त्रिपाठी, प्रयागराज। प्रदेश के विभिन्न जिलों में शिक्षक भर्ती को लेकर आंदोलन चल रहे हैं। प्रयागराज में भी लंबे समय से धरना और ज्ञापन का सिलसिला चल रहा है। कभी शिक्षा सेवा चयन आयोग तो कभी सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी या सिविल लाइंस के धरना स्थल पर प्रतियोगी छात्रों की मांगों की गूंज सुनाई देती है। उनका कहना है कि नौकरियों के अवसर उपलब्ध कराए जाएं।
2026 में परीक्षा शिक्षा सेवा चयन आयोग ने कराई
अब तक पदों का विज्ञापन कितना सीमित रहा, इसी से अनुमान लगा सकते हैं कि वर्ष 2011 में पहली बार शिक्षक पात्रता परीक्षा कराई गई। इसमें 2,70,806 अभ्यर्थी सफल हुए। यदि 2026 तक की परीक्षा के आंकड़े को जोड़ दें तो प्रदेश में कुल 38,05,377 प्रतियोगी छात्र-छात्राओं ने शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण की है। 2026 में यह परीक्षा शिक्षा सेवा चयन आयोग ने कराई। इसमें कुल 13,30,948 अभ्यर्थी सफल हुए हैं। 2011 से अब तक के पदों के विज्ञापन का कुल आंकड़ा देखें तो मात्र 3,21,917 पदों पर शिक्षकों की नियुक्ति के लिए आवेदन मांगे गए।
मात्र 8.46 प्रतिशत पद विज्ञापित हुए
अब तक शिक्षक पात्रता परीक्षा पास करने वालों और पदों के विज्ञापन के आंकड़े को देखों तो मात्र 8.46 प्रतिशत पद विज्ञापित हुए। इनमें भी बहुत से पदों को लेकर न्यायालय में प्रकरण लंबित हैं। वर्ष 2013 में 102755 अभ्यर्थियों ने टीईटी पास की। इसमें 27882 प्राथमिक स्तर के, 74873 उच्च प्राथमिक के अभ्यर्थी रहे। 2014 में यह संख्या 184700 पहुंच गई। प्राथमिक और उच्च प्राथमिक के क्रमश: 71331 व 123369 अभ्यर्थी उत्तीर्ण हुए। 2015 में उत्तीर्ण 146415 अभ्यर्थियों में प्राथमिक के 59062 व उच्च प्राथमिक के 87353 रहे। इसी प्रकार वर्ष 2016, 2017, 2018 और 2019 में क्रमश: 75364, 94311, 574783 और 354703 अभ्यर्थियों ने शिक्षक पात्रता परीक्षा में सफता प्राप्त की। 2021 में यह आंकड़ा 660592 रहा।
2011 से 18 तक कितने पदों का हुआ विज्ञापन
इन सब के लिए शिक्षक बनने के अवसर पर नजर दौड़ाएं तो वर्ष 2011 में प्राथमिक सतर पर बेसिक शिक्षा विभाग ने 72,825 पदों का विज्ञापन जारी किया। 2012 में 9770 पद विज्ञापित हुए। 2013 में तीन बार पदों का विज्ञापन हुआ। एक बार 10,800, दूसरी पर 10000 तीसराी पर उर्दू के लिए 4280 पदों के विज्ञापन आए। 2015 में 15,000, 2016 में उर्दू के 3,500 पद और सामान्य शिक्षक भर्ती के 16,448 और 12,460 पदों का विज्ञापन जारी हुआ। 2018-19 में 69,000 शिक्षक भर्ती का विज्ञापन आया।
उच्च प्राथमिक विद्यालयों में भर्ती का इंतजार
उच्च प्राथमिक विद्यालयों में विज्ञान और गणित विषय की भर्ती का विज्ञापन भी 2013 में आया। उनकी संख्या 29,334 रही। 2018 के बाद से प्रतियोगी छात्र-छात्राओं को भर्ती का इंतजार है। इसके लिए वे निरंतर आंदोलन कर रहे हैं। माना जा रहा है कि प्राथमिक शिक्षक भर्ती के करीब 60,000 पद रिक्त हैं। उधर, सचिव बेसिक शिक्षा परिषद सुरेन्द्र कुमार तिवारी का कहना है कि अभी नगर क्षेत्र के लिए 11,500 शिक्षकों की भर्ती के लिए अधियान भेजा गया है, शेष के लिए प्रक्रिया चल रही है।
