मोती उत्पादन के लिए सरकार 60 प्रतिशत तक देगी अनुदान, मत्स्य पालक शीघ्र करें आवेदन
प्रयागराज में मोती संवर्धन योजना शुरू में मत्स्य पालकों और किसानों को मोती उत्पादन के लिए 60% तक सरकारी अनुदान ...और पढ़ें

प्रयागराज के मत्स्य पालक मोतियों का उत्पादन कर सकेंगे, आवेदन मांगे गए हैं।
HighLights
सामान्य वर्ग को 40%, महिला व अनुसूचित जाति को 60% अनुदान मिलेगा
मोती संवर्धन योजना से मिलेगा प्रोत्साहन, पहले एक प्रोजेक्ट लगाने की तैयारी
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। जिले में मत्स्य पालन बड़े पैमाने पर होता है। यहां की मछलियां आंध्र प्रदेश, बंगाल सहित अन्य कई प्रदेशों व यूपी के दूसरे जिलों में जाती हैं। आने वाले दौर में संगम नगरी के मत्स्य पालकों की किस्मत मोती चमकाएगी। मोती उत्पादन से जिले के मत्स्य पालकों व दूसरे किसानों को जोड़ा जाएगा। इसके लिए मोती संवर्धन योजना शुरू की गई है। पहली बार इस योजना के लिए आवेदन मांगे गए।
तालाबों में होता है मोती उत्पादन
मोती का उत्पादन तालाबों में होता है। तालाबों के क्षेत्रफल के हिसाब से इनकी लागत बढ़ती है। योजना में क्षेत्रफल के हिसाब से लागत निर्धारित की गई है। 440 वर्ग मीटर में 1.50 लाख, 0.5 एकड़ में 3.50 लाख और एक एकड़ में 10 लाख रुपये का प्रोजेक्ट तैयार होता है। इसमें सरकार की ओर से सामान्य वर्ग को इस लागत का 40 प्रतिशत और महिला व अनुसूचित जाति के लाभार्थी को 60 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। शुरुआती दौर में यहां 440 वर्ग मीटर क्षेत्रफल के एक प्रोजेक्ट की स्थापना की तैयारी है।
फर्म मोतियों की बिक्री में करेगी मदद
मत्स्य विभाग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुनील कुमार ने बताया कि शासन की ओर से एक फर्म निर्धारित की जाएगी। इसी फर्म की देखरेख में मत्स्य पालक मोती उत्पादन करेंगे। यही फर्म सीप के अंदर न्यूकिलस डालेगी। 12 से 13 महीने में मोती तैयार होते हैं। यही फर्म इनकी बिक्री में मदद करेगी। उन्होंने बताया कि एक प्रोजेक्ट के लिए 19 आवेदन आए थे। इनमें छह पात्र मिले हैं।
