विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

अब ज्यादा इंतजार नहीं, इस महीने आएगा हाईस्कूल-इंटरमीडिएट का रिजल्ट, यूपी बोर्ड 2026 का मूल्यांकन खत्म

Published: Sun, 05 Apr 2026 07:55 AM (IST)Updated: Sun, 05 Apr 2026 12:37 PM (IST)

यूपी बोर्ड 2026 की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन 15 कार्य दिवस में पूरा हो गया ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।

सांकेतिक तस्वीर।

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

राब्यू, जागरण, प्रयागराज। यूपी बोर्ड की वर्ष 2026 की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट परीक्षा की उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन 18 मार्च से प्रारंभ होकर शनिवार को समाप्त हो गया। प्रदेश के 254 केंद्रों पर करीब 2.75 करोड़ उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन किया गया।

15 कार्य दिवस में पूरा हुआ मूल्यांकन

मूल्यांकन के लिए अंतिम तिथि एक अप्रैल निर्धारित थी, लेकिन इस अवधि में तीन दिन अवकाश के कारण मूल्यांकन कार्य स्थगित रखा गया था। ऐसे में चार अप्रैल तक मूल्यांकन कार्य निर्धारित 15 कार्यदिवस संपन्न हो गया।

25 अप्रैल को घाेषित हुआ था पिछली बार परिणाम

अब अवार्ड ब्लैंक को क्षेत्रीय कार्यालय में जमा कराए जाने के साथ परीक्षाफल तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। पिछले वर्ष परीक्षाफल 25 अप्रैल को घोषित किया गया था। इस वर्ष भी अप्रैल माह में ही परिणाम घोषित किया जाएगा।

इस बार पकड़े गए थे 49 सॉल्वर

यूपी बोर्ड की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की वर्ष-2026 में 2.87 लाख छात्र-छात्राओं ने परीक्षा छोड़ दी थी। इनमें हाईस्कूल के परीक्षार्थियों की संख्या 1.61 लाख और इंटरमीडिएट के छात्र-छात्राओं की संख्या 1.26 है। UP Board Exam 2026 परीक्षा के दौरान अलग-अलग जिलों के केद्रों को मिलाकर 49 सॉल्वर पकड़े गए। सभी के विरुद्ध उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम-2024 के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया है।

18 परीक्षार्थी नकल करते पकड़े गए। परीक्षा के दौरान मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का पालन न करने पर 12 जिलों के 16 परीक्षा केंद्रों तथा नकल संबंधी शिकायत मिलने पर 11 जिलों के 17 केंद्रों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।

पांच जिलों में मूल्यांकन के अंक ऑनलाइन भी अपलोड होंगे

अति संवेदनशील घोषित जिलों के 20 परीक्षा केंद्रों पर पायलट प्रोजेक्ट के तहत जैमर लगाए गए थे। इसमें प्रयागराज के सात, कौशांबी के तीन, गाजीपुर के पांच तथा जौनपुर के पांच परीक्षा केंद्र थे। जैमर इसलिए स्थापित किए गए थे, ताकि प्रश्नपत्र वायरल कर परीक्षा की शुचिता प्रभावित न की जा सके। पांच जिलों में मूल्यांकन के अंक ऑनलाइन भी अपलोड होंगे।

यह भी पढ़ें- एसडीएम बनीं श्वेता गुप्ता पहुंचीं पैतृक गांव, स्वागत करने पहुंचे विधायक, बोलीं- अब आईएएस बनना है लक्ष्य