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UP Board : प्रवेश के समय मान्य पांच अभिलेख के आधार पर विद्यार्थियों की दर्ज होगी जन्मतिथि, निर्देश जारी

By Awadhesh Pandey Edited By: Brijesh Srivastava
Published: Sat, 29 Aug 2026 01:41 PM (IST)

यूपी बोर्ड ने विद्यार्थियों की जन्मतिथि दर्ज करने के संबंध में नए निर्देश जारी किए हैं। अब प्रवेश के समय ...और पढ़ें

उप्र माध्यमिक शिक्षा परिषद, प्रयागराज।

उप्र माध्यमिक शिक्षा परिषद, प्रयागराज।

HighLights

  1. हाईस्कूल प्रमाणपत्र में जन्मतिथि संशोधन के बढ़ते मामलों पर यूपी बोर्ड सचिव ने जारी किए निर्देश

  2. छात्र-छात्राओं के प्रथम प्रवेश के समय ही विद्यालयों को विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है

राज्य ब्यूरो, जागरण, प्रयागराज। विद्यार्थियों की जन्मतिथि संशोधन से जुड़े मामलों को लेकर यूपी बोर्ड सचिव भगवती सिंह ने प्रथम प्रवेश के समय विद्यालयों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। कहा है कि कई मामलों में प्रधानाध्यापकों द्वारा विद्यार्थी की जन्मतिथि दर्ज करते समय उस अभिलेख का उल्लेख नहीं किया जाता, जिसके आधार पर प्रवेश के समय जन्मतिथि निर्धारित की गई थी। इससे संबंधित अभिलेखों की प्रामाणिकता पर संदेह उत्पन्न होता है।

ऐसे में जन्म प्रमाणपत्र उपलब्ध न होने पर अस्पताल या एएनएम पंजीयन अभिलेख, आंगनबाड़ी अभिलेख, जन्म-मृत्यु संबंधी ग्राम पंजीयन अथवा माता-पिता/अभिभावक की शपथपत्र के माध्यम से की गई घोषणा को मान्य किया जा सकता है।

हाईस्कूल प्रमाणपत्र-सह-अंकपत्र में जन्मतिथि महत्वपूर्ण होने के कारण इसमें किसी भी प्रकार की त्रुटि से बचने के लिए विशेष सावधानी बरतना आवश्यक है। बोर्ड सचिव ने बताया है कि बोर्ड मुख्यालय पर उसके क्षेत्रीय कार्यालयों के माध्यम से प्राप्त होने वाले प्रकरणों में कई बार प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर की सत्यापित टीसी को जन्मतिथि के साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किया जाता है।

जांच में यह भी आया है कि कुछ बच्चों की प्रवेश के समय आयु शिक्षा के अधिकार अधिनियम-2009 में निर्धारित आयु से कम थी। नियमानुसार आरटीई अधिनियम-2009 के तहत कक्षा एक में प्रवेश की आयु छह वर्ष निर्धारित है। इसमें जन्मतिथि के प्रमाण के लिए जन्म प्रमाणपत्र को प्राथमिकता दी गई है। इसके उपलब्ध न होने पर विद्यालयों में प्रथम प्रवेश के समय मान्य अभिलेखों के आधार पर छात्र-छात्राओं की जन्मतिथि दर्ज करने और संबंधित अभिलेख का उल्लेख विद्यालयीय अभिलेख में करने के निर्देश दिए गए हैं।

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