राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 : नवाचारों काे मंच देगा 'उद्गम', शिक्षकों काे दिखाएगा नई राह तो शिक्षा की बढ़ेगी गुणवत्ता
राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत शिक्षकों द्वारा किए गए नवाचारों को एक मंच देने के लिए 'उद्गम' पोर्टल विकसित किया ...और पढ़ें

राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020: 'उद्गम' पोर्टल से शिक्षा में नवाचारों को नया आयाम मिलेगा।
HighLights
एससीईआरटी के सहयोग से विकसित यह मंच
शिक्षा, खेलकूद, पर्यावरण, स्वास्थ्य के नवाचार दिखेंगे
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में नवाचारों पर जोर है। प्रवक्ता व शिक्षकों की ओर से जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों तथा विद्यालयों में किए जा रहे नवाचारों को एक स्थान पर देखा जा सकता है। इसके लिए 'उद्गम' पोर्टल विकसित किया गया है।
इसके माध्यम से शिक्षक नामांकन, उपस्थिति बढ़ाने, कक्षा व विद्यालय की समस्याओं के समाधान को होने वाले नवाचार साझा होंगे। यह पोर्टल शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े सभी हितधारकों को मंच देने वाला है। गांव से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक इसे लोग देख सकते हैं।
राष्ट्रीय मेंटर शत्रुंजय शर्मा के अनुसार यह पोर्टल शिक्षकों, अभिभावकों, समुदाय एवं नीति निर्माताओं को एक मंच पर जोड़ते हुए विद्यालयी शिक्षा में नवाचारों की पहचान, प्रसार और प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से शैक्षिक गुणवत्ता को बढ़ाने में सहयोग करेगा। प्रयागराज के शिक्षकों द्वारा किए गए नवाचार भी पोर्टल पर नजर आएंगे। बानगी के तौर पर पीएम श्री विद्यालय बलईमऊ का नवाचार कैचअप टीचिंग को देख सकते हैं।
यहां शिक्षक संकुल बैठक में चर्चा की गई कि कक्षा पांच के विद्यार्थी विषय वस्तु पढ़ लेता है परंतु समझ के साथ वाक्य नहीं लिख पाते। इस पर शिक्षक राजेंद्र सक्सेना ने कैचअप टीचिंग का सुझाव साझा किया। शिक्षकों को एक्शन कार्ड्स दिए गए। टीमों में विभाजित किया गया और कैचअप टीचिंग की रणनीति साझा की गई। इसी क्रम में प्राथमिक विद्यालय मलकिया की सुमित्रा यादव का नवाचार मेरी गुल्लक मेरी किताब नियमित उपस्थिति, बचत व पठन संस्कृति को बढ़ावा देने वाला नवाचार भी पोर्टल पर अपलोड होगा।
उदाहरण बनेगा पीयर लर्निंग कम्युनिटी माडल
राष्ट्रीय मेंटर शत्रुंजय शर्मा ने जनपद के 23 शिक्षकों के साथ मिलकर पीयर लर्निंग कम्युनिटी माडल तैयार किया है। इसके जरिए ज्ञान का आदान-प्रदान करने, कौशल विकसित करने और एक-दूसरे के विकास में सहयोग का प्रयास होता है। इसमें समूह के सदस्य शिक्षक और विद्यार्थी दोनों की भूमिका निभाते हैं। वास्तविक दुनिया की जानकारियों और अनूठे दृष्टिकोणों का आदान प्रदान किया जाता है। यह माडल अवधारणाएं सिखाने से व्यक्तिगत समझ को पक्का करने में मदद करता है।
