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प्रयागराज में TGT-PGT अभ्यर्थियों का उग्र प्रदर्शन, कफन ओढ़कर किया चक्काजाम; 12 से ज्यादा हिरासत में

Published: Fri, 30 Oct 2026 08:55 AM (IST)

प्रयागराज में टीजीटी-पीजीटी भर्ती में पुराने नियमों से एक अवसर की मांग को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन चौथे दिन उग्र हो गया, जहां उन्होंने कफन ओढ़कर चक्काजाम किया।

अभ्यर्थियों ने कफन ओढ़कर किया चक्काजाम।

अभ्यर्थियों ने कफन ओढ़कर किया चक्काजाम।

HighLights

  1. टीजीटी-पीजीटी भर्ती में पुराने नियमों पर छात्रों का प्रदर्शन।

  2. प्रयागराज में कफन ओढ़कर किया गया चक्काजाम।

  3. आंदोलनकारी नेता आशुतोष पांडेय समेत कई हिरासत में।

राज्य ब्यूरो, प्रयागराज। टीजीटी-पीजीटी भर्ती में पुरानी नियमावली के अनुसार एक अवसर दिए जाने की मांग को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन गुरुवार को चौथे दिन उग्र हो गया। पूरे दिन शिक्षा निदेशालय और एकलव्य चौराहे पर कई घंटे तक गहमागहमी की स्थिति बनी रही।

अभ्यर्थियों ने कफन ओढ़कर चक्काजाम कर दिया। वार्ता के आश्वासन के बाद अभ्यर्थी शिक्षा निदेशालय परिसर में वापस पहुंचे तो पुलिस ने हिरासत में लेना शुरू कर दिया।

आंदोलन का नेतृत्व कर रहे आशुतोष पांडेय को भी हिरासत में लिया गया। अभ्यर्थियों ने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनकी मांगों पर संवाद करने के बजाय उन्हें आंदोलन करने से रोका जा रहा है।

गुरुवार सुबह कुछ प्रदर्शनकारी अपने साथियों के लिए भोजन-पानी की व्यवस्था करने और अन्य जरूरी कार्यों से बाहर गए थे। इसी दौरान प्रशासन ने शिक्षा निदेशालय का मुख्य द्वार बंद कर उस पर ताला लगा दिया। जब बाहर गए अभ्यर्थी वापस लौटे, तो उन्हें परिसर में प्रवेश करने से रोक दिया गया।

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कुछ महिला और पुरुष साथी निदेशालय परिसर के अंदर ही मौजूद थे। इस घटनाक्रम के बाद अभ्यर्थियों में नाराजगी बढ़ गई। शिक्षा निदेशालय में प्रवेश नहीं मिलने के बाद अभ्यर्थी एकलव्य चौराहे पर पहुंच गए और अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करने लगे।

इसी दौरान मौके पर पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट ने कथित तौर पर स्पष्ट किया कि अभ्यर्थी अन्य स्थानों पर प्रदर्शन कर सकते हैं, लेकिन शिक्षा निदेशालय परिसर के अंदर धरना देने की अनुमति नहीं दी जाएगी। अभ्यर्थियों के मुताबिक, प्रशासन ने धारा 163 लागू होने का हवाला देते हुए प्रदर्शन समाप्त करने को कहा।

साथ ही प्रदर्शन जारी रखने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई। इसके बाद अभ्यर्थियों ने प्रशासन के सामने प्रस्ताव रखा कि वे सड़क खाली करने के लिए तैयार हैं, लेकिन उन्हें शिक्षा निदेशालय परिसर में दोबारा बैठने दिया जाए ताकि वे अपनी मांगों को संबंधित अधिकारियों के सामने रख सकें।

छात्रों का तर्क था कि उनका आंदोलन सीधे भर्ती प्रक्रिया और शिक्षा विभाग से जुड़े मुद्दे पर है। ऐसे में उनकी समस्याओं को सुनने और समाधान की दिशा में बातचीत करने के लिए उन्हें संबंधित अधिकारियों तक पहुंचने का अवसर मिलना चाहिए।

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परिसर में लौटते ही हिरासत में लेने की कार्रवाई

अभ्यर्थियों के अनुसार, सड़क खाली करने और अपनी बात रखने की उम्मीद में वे दोबारा शिक्षा निदेशालय पहुंचे। उनका आरोप है कि इस दौरान परिसर में पहले से बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात थे।

अभ्यर्थियों के परिसर में पहुंचने के बाद पुलिस ने उन्हें पकड़कर बसों में बैठाना शुरू कर दिया। इस कार्रवाई में आंदोलन का नेतृत्व कर रहे आशुतोष पांडेय को भी हिरासत में लिए गए।

इस घटनाक्रम के बाद आंदोलनकारी अभ्यर्थियों ने प्रशासन की कार्रवाई पर नाराजगी जताई। अभ्यर्थियों ने सवाल उठाया कि जब वे सड़क खाली करने और बातचीत के लिए तैयार थे, तो उन्हें हिरासत में लेने की नौबत क्यों आई।

जीत के बाद सीधे धरने में पहुंचे एमएलसी मानसिंह

इलाहाबाद-झांसी क्षेत्र से नवनिर्वाचित एमएलसी डा. मान सिंह यादव गुरुवार को स्वागत कार्यक्रमों के बजाय शिक्षा निदेशालय के गेट के सामने धरना दे रहे प्रतियोगी छात्रों के बीच पहुंचे। उनके साथ सपा के प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल समेत पार्टी के अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे।

नेताओं ने धरने पर बैठकर अभ्यर्थियों की मांगों का समर्थन किया। सपा प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि बेरोजगार, किसान और नौजवान समेत समाज का हर वर्ग परेशान है।

एमएलसी डॉ. मान सिंह यादव ने अभ्यर्थियों को न्याय दिलाने के लिए हर संभव प्रयास करने का भरोसा दिया। धरने में सपा के जिलाध्यक्ष अनिल यादव, महानगर अध्यक्ष इफ्तेखार हुसैन, महासचिव रविंद्र यादव, प्रवक्ता दान बहादुर मधुर, आरएन यादव समेत अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे।

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