कहानी जुनून की है... 59 साल की उम्र में पिता ने बेटी के साथ पास की टीजीटी परीक्षा और बन गए शिक्षक
59 वर्षीय विजय कुमार शर्मा ने अपनी बेटी के साथ टीजीटी परीक्षा उत्तीर्ण कर संस्कृत शिक्षक बनने का सपना पूरा ...और पढ़ें

बेटी ममता के साथ पिता विजय कुमार शर्मा। सौ. स्वजन
HighLights
59 वर्षीय विजय कुमार शर्मा ने टीजीटी परीक्षा पास की।
बेटी ममता शर्मा ने भी पिता के साथ परीक्षा उत्तीर्ण की।
27 वर्षों के संघर्ष के बाद संस्कृत शिक्षक बने विजय।
जागरण संवाददाता, बागपत। जीवन में कुछ कर गुजरने का जज्बा हो तो उम्र भी बाधा नहीं बनती। बड़ावद गांव के विजय कुमार शर्मा ने यह साबित कर दिखाया है। 59 साल आठ माह की उम्र में लंबे संघर्ष और निरंतर प्रयास के बाद टीजीटी (प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक) पास कर संस्कृत शिक्षक के रूप में चयनित होकर सफलता की नई कहानी लिखी है। उनके साथ उनकी बेटी ने भी परीक्षा पास की है, हालांकि बेटी अभी प्रतीक्षा सूची में हैं।
बड़ौत शहर के दून पब्लिक स्कूल में शिक्षण कार्य कर रहे विजय कुमार शर्मा काफी समय से सरकारी नौकरी के लिए प्रयासरत थे। कई बार प्रतियोगी परीक्षाएं दीं, लेकिन सफलता नहीं मिल पाई। आखिरकार 29 जून को वह दिन आया, जब उनका सपना पूरा हुआ।
22 सितंबर को वह लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों उन्हें नियुक्ति-पत्र प्राप्त हुआ। उन्हें शामली जनपद के गांव एलम के इंटर कालेज में नियुक्ति मिली है। मूल रूप से गांव बड़ावद के रहने वाले विजय के लिए यह केवल एक नियुक्ति पत्र नहीं, बल्कि 27 वर्षों की तपस्या, धैर्य और विश्वास का सम्मान है। इस कामयाबी के लिए विजय कुमार को दून पब्लिक स्कूल परिवार ने सम्मानित भी किया।
पिता की तरह सरकारी शिक्षक बनना था सपना
विजय कुमार शर्मा अपने दिवंगत पिता लक्ष्मण सिंह की तरह सरकारी शिक्षक की नौकरी पाने का उनका सपना था। उन्होंने इस सपने को पूरा करने के लिए कभी हौसला कमजोर नहीं पड़ने दिया।
उपलब्धि बनी और भी खास, जब बेटी के साथ की टीजीटी पास
विजय कुमार शर्मा के लिए यह उपलब्धि और भी खास इसलिए है, क्योंकि उन्होंने अपनी 28 वर्षीय बेटी ममता के साथ यह परीक्षा पास की है। शहर के माउंट लिट्रा जी स्कूल में शिक्षक ममता शर्मा की शादी सीआरपीएफ में हेड कांस्टेबल देवेश शर्मा के साथ हुई है, वह शहर के शिव विहार कालोनी में रहती हैं। ममता शर्मा की एक बेटा और एक बेटी है। हालांकि ममता का नाम अभी प्रतीक्षा सूची में है। उन्हें उम्मीद है कि बेटी को भी जल्द नियुक्ति पत्र मिल जाएगा।
पांच बच्चों के पिता हैं विजय
पांच बच्चों के पिता विजय कुमार शर्मा का चयन टीजीटी संस्कृत शिक्षक के रूप में हुआ है। अब उन्हें तीन दिन में शामली के ऐलम इंटर कालेज में कार्यभार ग्रहण करने के आदेश मिले हैं। विजय का एक बेटा उत्तर प्रदेश पुलिस में कार्यरत है। वहीं शिक्षक की सेवानिवृत्ति आयु 62 वर्ष निर्धारित की गई है। अब विजय के लिए यह भी खास होगा कि 59 वर्ष की उम्र में भर्ती होने के बाद 62 वर्ष में वह सेवानिवृत्त हो जाएंगे।
सपना पूरा हो गया
यह हमारे परिवार के लिए यह गर्व का क्षण है। मेरी बेटी ने मेरे साथ टीजीटी परीक्षा उत्तीर्ण की है। जब मैं शिक्षक लाइन में आया, तभी से मेरा सरकारी अध्यापक बनने का सपना था। अब यह सपना पूरा हो गया है।-विजय कुमार शर्मा, टीईटी पास शिक्षक
