TGT हिंदी भर्ती परीक्षा में एक प्रश्न के दो विकल्प सही, 6 अक्टूबर को हाई कोर्ट में होगी सुनवाई
प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी) हिंदी भर्ती परीक्षा के विवादित प्रश्नों पर इलाहाबाद हाई कोर्ट में 6 अक्टूबर को सुनवाई होगी।
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HighLights
टीजीटी हिंदी भर्ती परीक्षा के विवादित प्रश्नों पर सुनवाई 6 अक्टूबर को।
इलाहाबाद हाई कोर्ट में न्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदन करेंगे मामले की सुनवाई।
आयोग ने प्रश्न संख्या 102 के दो विकल्पों को सही माना।
विधि संवाददाता, प्रयागराज। प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी) हिंदी भर्ती परीक्षा के विवादित प्रश्नों को लेकर दाखिल याचिकाओं पर इलाहाबाद हाई कोर्ट में छह अक्टूबर को सुनवाई होगी।
न्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदन ने ज्ञान सिंह यादव व 28 अन्य अभ्यर्थियों की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह तारीख तय की है। इस बीच उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर प्रश्न संख्या 102 के दो विकल्पों को सही माना है।
आयोग ने बताया कि हिंदी विषय की उत्तर कुंजी को लेकर अभ्यर्थियों से मिली आपत्तियों के निस्तारण के लिए तीन सदस्यीय विशेषज्ञ समिति गठित की गई थी। समिति ने सात सितंबर को विवादित प्रश्नों की समीक्षा कर अपनी रिपोर्ट आयोग को सौंपी। इसमें प्रश्न संख्या 17, 91, 98, 104 और 105 के उत्तरों को सही माना गया।
प्रश्न संख्या 102 को लेकर समिति ने आयोग की प्रारंभिक उत्तर कुंजी में बदलाव किया है। आयोग ने पहले इस प्रश्न का विकल्प सी सही माना था, जबकि विशेषज्ञ समिति ने पुनरुक्ति को अर्थदोष और वाक्यदोष दोनों रूप में स्वीकार करते हुए विकल्प सी और डी दोनों को सही माना। इसी आधार पर दोनों विकल्पों को मान्य करने की बात कही गई है।
इस प्रश्न को लेकर संजीत सिंह की याचिका पर हाई कोर्ट पहले ही चयन आयोग से जानकारी मांग चुका है। याची के अधिवक्ता प्रफुल्ल देव शुक्ल ने बताया था कि प्रश्न में पूछा गया था कि पुनरुक्ति दोष किस श्रेणी का दोष है। इसके विकल्पों में रस दोष, छंद दोष, वाक्य दोष और अर्थ दोष दिए गए थे।
याची का कहना था कि अर्थ दोष सही उत्तर है, जबकि आयोग ने बाद में वाक्य दोष को भी सही मान लिया। सुनवाई के दौरान चयन आयोग के अधिवक्ता ने सभी संबद्ध याचिकाओं के अधिवक्ताओं को विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट की प्रति उपलब्ध कराने के लिए समय मांगा। कोर्ट अब छह अक्टूबर को मामले की आगे सुनवाई करेगा।
