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Prayagraj News: निजी हाथों में जाएगा रेलवे स्टेशन का पूछताछ केंद्र, 24 घंटे मौजूद रहेंगे कर्मी; टेंडर प्रक्रिया शुरू

उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज मंडल के 20 रेलवे स्टेशनों के पूछताछ केंद्र निजी हाथों में देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके टेंडर का विज्ञापन भी जारी हो गया है। इसमें मीरजापुर सोनभद्र चुनार विंध्याचल प्रयागराज जंक्शन सूबेदारगंज मानिकपुर फतेहपुर फफूंद कानपुर सेंट्रल पनकी गोविंदपुरी अनवरगंज इटावा शिकोहाबाद मैनपुरी फिरोजाबाद टुंडला अलीगढ़ एवं खुर्जा शामिल हैं ।

By Riya Pandey Edited By: Riya Pandey Published: Sat, 13 Apr 2024 09:51 PM (IST)Updated: Sat, 13 Apr 2024 09:51 PM (IST)
प्रयागराज मंडल के 20 रेलवे स्टेशनों के पूछताछ केंद्रों को निजी हाथों में देने की प्रक्रिया शुरू

जागरण संवाददाता, प्रयागराज। ट्रेन कितनी विलंबित है, किस रूट पर कौन सी ट्रेन जाएगी, ट्रेन किस प्लेटफार्म पर आएगी, जैसी जानकारियां अब रेलकर्मी नहीं बल्कि निजी कंपनियों के कर्मचारी बताएंगे। रेलवे स्टेशन पर बने पूछताछ केंद्र पर रेलकर्मियों की जगह अब निजी कर्मचारी यात्रियों के सवालों का जवाब देंगे। यह सुविधा रेलवे स्टेशन पर 24 घंटे मिलेगी।

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पूछताछ केंद्रों पर तैनात कर्मचारियों का विशेष ड्रेस कोड भी होगा जो मेट्रो स्टेशनों की तर्ज पर रखा जाएगा। निजीकरण की दिशा में यह रेलवे का एक और कदम माना जा रहा है।

पूछताछ केंद्रों को निजी हाथों में देने की प्रक्रिया शुरू

उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज मंडल के 20 रेलवे स्टेशनों के पूछताछ केंद्र निजी हाथों में देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके टेंडर का विज्ञापन भी जारी हो गया है। इसमें मीरजापुर, सोनभद्र, चुनार, विंध्याचल, प्रयागराज जंक्शन, सूबेदारगंज, मानिकपुर, फतेहपुर, फफूंद, कानपुर सेंट्रल, पनकी, गोविंदपुरी, अनवरगंज, इटावा, शिकोहाबाद, मैनपुरी, फिरोजाबाद, टुंडला, अलीगढ़ एवं खुर्जा शामिल हैं।

चरणबद्ध तरीके से अन्य स्टेशन भी इसमें जोड़े जाएंगे। कुल 25 पूछताछ केंद्र बनेंगे। यह 1095 दिन यानी तीन वर्ष के लिए निजी कंपनी इनका संचालन करेगी। सात करोड़ एक लाख 55 हजार 849 रुपये का टेंडर है। इसमें अनुभवी व वित्तीय क्षमतावान ठेकेदारों को ही मौका मिलेगा।

बीते कुछ वर्षों पर नजर डालें तो रेलवे ने खानपान सुविधा, सफाई-सफाई के लिए आउटसोर्सिंग, साधारण टिकट बेचने के लिए एटीवीएम, पेड यात्री प्रतीक्षालय आदि के माध्यम का निजीकरण कर दिया है। इंटरनेट मीडिया जैसे एक्स आदि से शिकायत सुनने व जवाब देने, 139 हेल्पलाइन नंबर का कार्य भी कंपनियों के आपरेटर ही संभाल रहे हैं।

हमसफर एक्सप्रेस में स्मोक डिटेक्शन का रख रखाव, क्रू मैनेजमेंट सिस्टम, रेल मदद पोर्टल का संचालन व नियंत्रण व तेजस एक्सप्रेस जैसी ट्रेन अब निजी हाथों में है। भारत गौरव ट्रेन, रेस्टोरेंट आन व्हील, स्लीपिंग पाड, रिटायरिंग रूम भी इसी दिशा में बढ़ाया गया कदम है।

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