प्रयागराज में एक करोड़ की अवैध कफ सिरप तस्करी का भंडाफोड़, दिल्ली से मंगाकर यूपी-बिहार में होती थी सप्लाई
एसटीएफ ने प्रयागराज में एक करोड़ रुपये की अवैध कफ सिरप तस्करी का भंडाफोड़ किया है। यह गिरोह दिल्ली से ...और पढ़ें
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यह तस्वीर एआई के द्वारा बनाई गई है।
HighLights
एसटीएफ ने प्रयागराज में एक करोड़ की अवैध कफ सिरप पकड़ी।
फर्जी फर्मों का उपयोग कर अंतरराज्यीय तस्करी का भंडाफोड़ हुआ।
मुख्य सरगना आशुतोष तिवारी समेत तीन तस्कर प्रयागराज से गिरफ्तार।
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। एक करोड़ की कोडीनयुक्त अवैध कफ सीरप के साथ स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) के हत्थे चढ़े तस्कर प्रयागराज-वाराणसी की फर्म के नाम पर मंगवाते थे। इसके बाद प्रयागराज के अलावा प्रदेश के विभिन्न शहरों, बिहार, झारखंड और मध्य प्रदेश में भी खेप पहुंचाते थे। अंतरराज्यीय गिरोह का सरगना आशुतोष तिवारी उर्फ प्रवेश तिवारी अपने सहयोगियों के साथ दिल्ली, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और चंडीगढ़ से अवैध कफ सीरप मंगवाकर एयरपोर्ट थाने के पास एक मकान में भंडारण करता था।
यहां अपने सहयोगियों, साथियों की मदद से अवैध कफ सीरप को गत्ते से निकालकर बोरियों में भरकर तस्करी करते थे। सरगना और सदस्यों ने पूछताछ में सिंडिकेट से जुड़े कई राज खोले हैं। मामले में वांछित तीन आरोपितों की तलाश की जा रही है। एसटीएफ के इंस्पेक्टर जय प्रकाश राय ने बताया कि अवैध कफ सीरप की तस्करी से जुड़ी जानकारी मिलने के बाद दारोगा विनय तिवारी, गुलजार सिंह, हेड कांस्टेबल विकास तिवारी, प्रवीण जायसवाल, सिपाही अजीत राय, अखंड प्रताप की टीम को कार्रवाई के लिए लगाया गया।
रविवार रात टीम ने एयरपोर्ट थाने से करीब पांच सौ मीटर दूर कटहुला गौसपुर स्थित विवेक श्रीवास्तव के मकान में एसीपी रवि गुप्ता, स्थानीय पुलिस की मदद से छापेमारी की। तब वहां से करीब एक करोड़ रुपये की अवैध कफ सीरप, जेनेरिक दवाएं, टेबलेट समेत अन्य नशीली दवाएं बरामद की गईं। मौके से तस्करी में प्रयुक्त होने वाली कार, 95 खाली बोरी, दो डाई ग्राइंडर भी बरामद किया गया। सरगना समेत तीन तस्करों की गिरफ्तारी की गई। सभी के खिलाफ एयरपोर्ट थाने में मुकदमा लिखाया गया है।
इनकी हुई गिरफ्तारी
-आशुतोष तिवारी उर्फ प्रवेश तिवारी, मूल निवासी मैना पड़ाइन का पूरा, बीकापुर अयोध्या। हालपता- जयंतीनगर सुलेमसराय, धूमनगंज
-अंकेश कुमार पुत्र सत्यनारायण प्रजापति निवासी जयरामपुर सूबेदारगंज, धूमनगंज प्रयागराज
-अमित प्रजापति पुत्र सत्यनारायण प्रजापति निवासी जयरामपुर सूबेदारगंज, धूमनगंज प्रयागराज
ये हैं फरार-
-थोक दवा व्यापारी शनि जायसवाल, निवासी लीडर रोड शाहगंज, प्रयागराज
-थोक दवा व्यापारी आशु जायसवाल, निवासी कीडगंज, प्रयागराज
-फर्म मालिक जतिन उर्फ शिवम मिश्रा, निवासी नैनी, प्रयागराज
जतिन के नाम से है फर्म
मूलरूप से अयोध्या निवासी आशुतोष नैनी निवासी जतिन मिश्रा उर्फ शिवम मिश्रा की फर्म नोवोटिक्स लाइफ साइंसेज के नाम से मंगोलपुरी, नई दिल्ली के पते पर पंजीकृत है। उसके सहयोग से प्रयागराज व वाराणसी की फर्मों पर फर्जी कागज बिल्टी बनाकर कोडीनयुक्त कफ सीरप, विभिन्न नामों की जेनरिक दवाएं दिल्ली से ट्रांसपोर्ट के द्वारा मंगाई जाती थी।
12 हजार रुपये प्रतिमाह किराए पर लिया था कमरा
सरगना ने एयरपोर्ट थाना क्षेत्र के गौसपुर कटहुला निवासी विवेक श्रीवास्तव के मकान में 12 हजार रुपये प्रतिमाह के किराए पर कमरा लिया था। वहां पर कफ सीरप व टेबलेट का भंडारण करता था। आशुतोष और जतिन के बीच दिल्ली में संपर्क हुआ था, जिसके बाद तस्करी का खेल शुरू किया।
ग्राइंडर से मिटाकर मेडिकल स्टोर पर सप्लाई
एसटीएफ इंस्पेक्टर ने बताया कि अमित प्रजापति और उसका भाई अंकेश डाइ ग्राइंडर से सीरप की शीशी का बैच नंबर मिटा देते थे। इसके बाद बोरी में भरकर मेडिकल स्टोर पर भी सप्लाई करते थे। एक गत्ते में 120 शीशी अवैध कफ सीरप 12 हजार में खरीदने के बाद 18 हजार रुपये में बेचते थे। दोनों भाई आशुतोष के कहने पर तस्करी में मदद करते थे।
लीडर रोड के थोक व्यापारी भी शामिल
एसटीएफ का कहना है कि तस्करों से पूछताछ में पता चला है कि लीडर रोड के थोक दवा व्यापारी शनि और आशु जायसवाल को भी अवैध कफ सीरप पहुंचाया जाता था, जो उसे बेचकर बड़ा मुनाफा कमा रहे हैं। उनकी दुकानों पर बड़ी मात्रा में कोडीनयुक्त अवैध कफ सीरप पहुंचाया जाता था। उनकी गिरफ्तारी पर सिंडिकेट से जुड़े कई नए तथ्य सामने आ सकते हैं।
