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'एनओसी मिलते ही प्राथमिकता से बनेगी हमीरपुर स्कूल की सड़क', इलाहाबाद हाईकोर्ट का निर्देश

Published: Mon, 28 Sep 2026 11:34 PM (IST)

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने हमीरपुर के प्राइमरी स्कूल तक सड़क निर्माण को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने ...और पढ़ें

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HighLights

  1. इलाहाबाद हाई कोर्ट ने हमीरपुर स्कूल सड़क पर दिया निर्देश।

  2. एनओसी मिलते ही प्राथमिकता से होगा सड़क निर्माण कार्य।

  3. नवंबर के पहले सप्ताह तक कार्य पूरा होने की उम्मीद।

जागरण संवाददाता, प्रयागराज। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने नवंबर के पहले सप्ताह तक हमीरपुर स्थित प्राइमरी स्कूल में आवागमन सुगम होने की उम्मीद जताई है। मुख्य न्यायमूर्ति अरुण भंसाली तथा न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेंद्र की खंडपीठ ने स्वत: संज्ञान लेकर कायम की गई जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए सोमवार को कहा कि केंद्र और राज्य सरकार से यह अपेक्षा है कि एक बार अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) मिलने पर सड़क का निर्माण प्राथमिकता के आधार पर शुरू होगा तथा प्राथमिकता के आधार पर पूरा कर लिया जाएगा।

कोर्ट ने प्रकरण में अगली सुनवाई तिथि तीन नवंबर नियत की है। दैनिक जागरण में प्रकाशित खबर को संज्ञान लेते हुए बच्चों के लिए सड़क न होने के मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने अगस्त में यह जनहित याचिका खुद कायम की, जो ‘इन रि-रोड टू स्कूल हमीरपुर’ के नाम से है।

तीसरी सुनवाई के दौरान खंडपीठ के समक्ष राज्य सरकार के अपर मुख्य स्थायी अधिवक्ता ने जानकारी दी कि सड़क निर्माण के लिए वन विभाग की एनओसी के संबंध में आवश्यक कार्रवाई पूरी कर ली गई है। प्रभागीय वन अधिकारी हमीरपुर वन प्रभाग की ओर से एनओसी के लिए जरूरी कार्रवाई हो चुकी है और अब भारत सरकार के लखनऊ स्थित क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा अंतिम कार्रवाई की जानी है।

भारत सरकार के अधिवक्ता ने कोर्ट को आश्वस्त किया कि लखनऊ क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा एनओसी से संबंधित कार्य शीघ्रता से पूरा किया जाएगा। कोर्ट ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार से यह अपेक्षा है कि एक बार एनओसी मिल जाने के बाद सड़क निर्माण प्राथमिकता के आधार पर शुरू किया जाए और अगली तारीख से पहले पूरा कर लिया जाए। इस स्कूल तक पक्की सड़क न होने के कारण बच्चों और ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

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