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राज्य विश्वविद्यालय योग और साइबर क्राइम में दो पीजी कोर्स शुरू करेगा, छात्रों को रोजगारोन्मुखी विकल्प मिलेगा

By Digital Desk Edited By: Brijesh Srivastava
Published: Fri, 24 Apr 2026 05:25 PM (IST)

प्रो. राजेंद्र सिंह रज्जू भैया राज्य विश्वविद्यालय एक वर्षीय पीजी डिप्लोमा पाठ्यक्रमों को पूर्णकालिक पीजी कोर्स में बदल रहा है। ...और पढ़ें

प्रो. राजेंद्र सिंह रज्जू भैया राज्य विश्वविद्यालय (रावि) प्रयागराज।

प्रो. राजेंद्र सिंह रज्जू भैया राज्य विश्वविद्यालय (रावि) प्रयागराज।

HighLights

  1. एक वर्षीय पीजी डिप्लोमा के पाठ्यक्रमों का परास्नातक कोर्स में होगा परिवर्तन

  2. नई व्यवस्था के तहत एक वर्ष में पीजी डिप्लोमा व दूसरे वर्ष में पीजी की डिग्री मिलेगी

जागरण संवाददाता, प्रयागराज। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में समय की मांग और छात्रों की बदलती रुचियों को ध्यान में रखते हुए प्रो. राजेंद्र सिंह रज्जू भैया राज्य विश्वविद्यालय (रावि) ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने ज्यादा पंजीकरण वाले एक वर्षीय पीजी डिप्लोमा पाठ्यक्रमों को पूर्णकालिक पीजी कोर्स में बदलने का निर्णय लिया है।

छात्रों को रोजगारोन्मुखी विकल्प मिलेगा

चरणबद्ध तरीके से इसकी शुरूआत होगी। सत्र 2026-27 में पहले चरण के तहत दो नए स्नातकोत्तर (पीजी) कोर्स होंगे। इसमें योग में एमए और साइबर क्राइम में एमएससी पाठ्यक्रम शामिल हैं। रावि प्रशासन के अनुसार यह कदम पारंपरिक और आधुनिक शिक्षा के बीच संतुलन स्थापित करते हुए छात्रों को रोजगारोन्मुखी विकल्प भी प्रदान करेगा।

पूर्णकालिक पीजी कोर्स में परिवर्तित होगा

राज्य विश्वविद्यालय के अनुसार ये दोनों पाठ्यक्रम पहले पीजी डिप्लोमा के रूप में संचालित किए जा रहे थे। इन डिप्लोमा पाठ्यकमां के प्रति छात्रों की रुचि में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। विशेष रूप से योग जैसे भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़े विषय और तेजी से बढ़ते डिजिटल युग में साइबर क्राइम जैसे विषय की उपयोगिता को देखते हुए इन्हें पूर्णकालिक पीजी कोर्स में परिवर्तित करने का निर्णय लिया गया है।

पढ़ाई छोड़ने वाले छात्रों को लाभ मिलेगा

नई व्यवस्था के तहत पाठ्यक्रम को इस प्रकार डिजाइन किया गया है कि पहले वर्ष में छात्रों को पीजी डिप्लोमा प्रदान किया जाएगा, जबकि दूसरे वर्ष की पढ़ाई पूरी करने पर उन्हें स्नातकोत्तर डिग्री दी जाएगी। इससे किसी कारणवश बीच में पढ़ाई छोड़ने वाले छात्रों को लाभ मिलेगा, क्योंकि उन्हें कम से कम डिप्लोमा का प्रमाणपत्र मिल सकेगा।

नए कोर्सों के लिए पाठ्यक्रम तैयार

विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि इन नए कोर्सों के लिए पाठ्यक्रम भी तैयार कर लिया गया है, जिसमें योग के तहत शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक पहलुओं का समावेश किया गया है, वहीं साइबर क्राइम के पाठ्यक्रम में डिजिटल सुरक्षा, साइबर कानून, डेटा प्रोटेक्शन और अपराध की जांच जैसे आधुनिक विषय शामिल किए गए हैं। तैयार किए गए इन प्रस्तावों को आगामी विद्वत परिषद की बैठक में प्रस्तुत किया जाएगा, जहां औपचारिक मंजूरी मिलने के बाद इनकी शुरुआत की जाएगी।

पीजी डिप्लोमा पाठ्यक्रम पीजी कोर्स में परिवर्तित होंगे

साथ ही विश्वविद्यालय अन्य पीजी डिप्लोमा पाठ्यक्रमों को भी धीरे-धीरे पीजी कोर्स में परिवर्तित करने की योजना पर कार्य कर रहा है। कुलपति प्रो. अखिलेश कुमार सिंह ने कहा कि यह प्रयास छात्रों को बेहतर शैक्षणिक अवसर देने के साथवैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए भी तैयार करेगा।

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