सपा विधायक रमाकांत यादव को हाई कोर्ट से बड़ी राहत, छात्र की मौत मामले में आपराधिक कार्यवाही रद
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने सपा विधायक रमाकांत यादव को छात्र आयुष कुमार सरोज की मौत के मामले में बड़ी राहत ...और पढ़ें

HighLights
हाई कोर्ट ने रमाकांत यादव की आपराधिक कार्यवाही रद की।
छात्र आयुष सरोज की मौत मामले में मिली बड़ी राहत।
SC/ST अधिनियम के तहत जातिगत अपराध नहीं पाया गया।
विधि संवाददाता, प्रयागराज। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने छात्र आयुष कुमार सरोज की मौत के मामले में सपा विधायक रमाकांत यादव को राहत दी है। न्यायमूर्ति संतोष राय की एकलपीठ ने उनके विरुद्ध चल रही आपराधिक कार्यवाही रद कर दी है। हाई कोर्ट ने यह भी कहा कि एससी/एसटी अधिनियम की संबंधित धारा लागू करने के लिए अपराध पीड़ित की जाति के आधार पर किया जाना जरूरी है।
उपलब्ध अभिलेखों में इसका पर्याप्त आधार नहीं पाया गया। अभियोजन कथानक के अनुसार जौनपुर के कंचन बालिका इंटर कॉलेज में आयुष कक्षा 10 का छात्र था। वह नौ सितंबर 2023 को विद्यालय गया था। उसी दिन अपराह्न करीब 3:49 बजे उसके पिता हीरालाल सरोज को सूचना मिली कि उनका बेटा विद्यालय से छुट्टी के बाद घर लौटते समय रास्ते में गिर कर बेहोश हो गया है।
उसे चिकित्सक के पास ले जाया गया, जहां मृत घोषित कर दिया गया। इसके बाद दर्ज प्राथमिकी में विद्यालय प्रबंधन और प्रधानाचार्य की भूमिका पर संदेह जताया गया था। मामले में आइपीसी के साथ ही एससी/एसटी अधिनियम में केस दर्ज कर कार्यवाही की गई थी।
रमाकांत यादव ने समन आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। अदालत ने गवाहों के बयान, घटनास्थल का नक्शा और पोस्टमार्टम रिपोर्ट समेत उपलब्ध अभिलेखों की जांच की। उसने पाया कि प्राथमिकी दर्ज कराने वाला व्यक्ति घटना का प्रत्यक्षदर्शी नहीं था।
नक्शे में घटना का स्थान विद्यालय परिसर के रूप में स्पष्ट नहीं था। गवाहों के बयानों से छात्र के साइकिल से घर लौटते समय गिरने की संभावना सामने आई। रमाकांत यादव के विरुद्ध आरोपित अपराध में संलिप्तता दिखाने वाली पर्याप्त विश्वसनीय सामग्री भी नहीं मिली।
