विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

चढ़ावा चोरी के आरोपित अविनाश का दो साल में बन गया मकान, पहले माता-पिता के साथ कच्चे घर में रहता था 5 भाइयों का परिवार

Published: Sat, 04 Jul 2026 05:25 AM (IST)Updated: Sat, 04 Jul 2026 07:10 AM (IST)

राम मंदिर चढ़ावा चोरी के आरोपी अविनाश शुक्ला के परिवार का दो साल में कायाकल्प हो गया है। कच्चे घर ...और पढ़ें

News Article Hero Image

HighLights

  1. राम मंदिर चढ़ावा चोरी आरोपी अविनाश का परिवार हुआ समृद्ध।

  2. कच्चे खपरैल घर की जगह बना आधुनिक सुविधाओं वाला मकान।

  3. परिवार के पास बाइक और ब्रेजा कार भी आई।

जागरण संवाददाता, प्रतापगढ़। राम मंदिर चढ़ावा चोरी में पकड़े गए अविनाश शुक्ला के घर-परिवार का दो साल में कायाकल्प हो गया। कच्चे खपरैल घर में गुजारा कर रहे परिवार के लिए नया मकान बन गया। रहन-सहन सुविधायुक्त हो गया। उसके घर बाइक व कार भी आ गई। अब उसकी पैतृक संपत्ति व बैंक खातों की प्रतापगढ़ में भी जांच होना तय माना जा रहा है।

उधर, शुक्रवार को गांव में एसआइटी का आने का इंतजार दिनभर होता रहा। बाबूपुर नरियावां के राम सजीवन शुक्ल के पांच बेटे हैं। सबसे बड़ा बेटा ललित खेती करता है। उसकी शादी हो चुकी है। दूसरा अमित शुक्ला भी खेती करता था। बाद में वह भी अयोध्या जाकर अविनाश की मदद करने लगा था। बीच में वह घर भी आ जाता था। अमित का ही नोटों के बंडल के साथ वीडियो दो दिन पहले इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित होने से खलबली मच गई थी।

 चढ़ावा चोरी में पकड़ा गया अविनाश

तीसरा बेटा अनुज घर पर रहता है। चौथा बेटा अभिषेक शुक्ला अयोध्या में योग शिक्षक है। वह पांच साल से बाहर है। सबसे छोटा बेटा अविनाश है, जो चढ़ावा चोरी कांड में पकड़ा गया है। वैसे तो अविनाश के पिता 12 बीघे के काश्तकार हैं, उनके पास ट्रैक्टर भी पहले से है, लेकिन बच्चों की कुछ खास आमदनी न होने से सब पुराने कच्चे घर में गुजर-बसर करते थे।

पैसे की व्यवस्था के लिए अमित ने कानपुर में छोटा ढाबा भी खोला, जो कुछ ही माह में बंद हो गया। आर्थिक दिक्कतों से जूझ रहे परिवार की भूमिधरी जमीन पर दो साल पहले एक मकान ने आकार लेना शुरू किया, जो अब मार्बल, टाइल्स समेत आधुनिक सुविधाओं से लैस होकर दूर से ही ध्यान खींचता है।

इसी साल फरवरी में अविनाश के भाई अमित की शादी पड़ी थी तो मकान और चमकाया गया। ब्रेजा कार अविनाश द्वारा खरीदी बताई जा रही है। गांव के लोग भी अचानक इस संपन्नता को देख चर्चा करने लगे, लेकिन कारण तब समझ सके, जब अविनाश का नाम मुख्य आरोपित के रूप में चढ़ावा चोरी केस में उभरा।