'वोट से लेकर किसानों की उपज व युवाओं की नौकरी तक चोरी कर रही सरकार', प्रयागराज में दहाड़े राकेश टिकैत
प्रयागराज में किसान क्रांति महापंचायत में राकेश टिकैत ने सरकार पर वोट, किसानों की उपज और युवाओं की नौकरी चोरी ...और पढ़ें

मुंडेरा मंडी में भारतीय किसान यूनियन की पंचायत में भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत। जागरण
HighLights
मुंडेरा मंडी में किसान क्रांति महापंचायत में शामिल हुए भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता
12 सूत्रीय मांगपत्र सौंपकर भूमि अधिग्रहण में उचित मुआवजा देने की मांग की
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। वोट, मंदिर के चंदे, किसानों के धान और पढ़े-लिखे युवाओं की नौकरी की चोरी हो रही है। देश में एक ऐसा गैंग चल रहा है, जिसने कब्जा जमा लिया है। यह सब प्रदेश सरकार की सह पर हो रहा है। भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने सोमवार को मुंडेरा मंडी परिसर में आयोजित किसान क्रांति महापंचायत में सरकार पर ऐसा आरोप लगाया।
उन्होंने किसानों के हक और उनकी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित करने की मांग उठाई। असदुद्दीन ओवैसी पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वह भाजपा के आदमी है। जहां भाजपा हार की स्थिति में होती है, वहां ओवैसी ऊल-जुलूल बयान देने लगते हैं। कहा कि ओवैसी की बातों को अनावश्यक महत्व देने की जरूरत नहीं है। कहा कि प्रधानमंत्री ममता बनर्जी के बारे में क्या बोलते हैं, इसे भी दिखाने की जरूरत है।
महापंचायत में प्रयागराज और कौशांबी के किसानों की समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम सदर एवं एसीपी को 11 सूत्रीय मांगपत्र सौंपा गया। इसमें भूमि अधिग्रहण में उचित मुआवजा, धान की सरकारी खरीद, बिजली, खाद-बीज, सिंचाई, ग्रामीण सड़कों की मरम्मत और किसान यूनियन के प्रदेश कार्यालय पर हुए हमले के आरोपितों की गिरफ्तारी सहित अन्य मांगें शामिल रहीं।
किसान यूनियन ने फूलपुर और हंडिया तहसील सहित संबंधित क्षेत्रों में विंध्य एक्सप्रेसवे, रिंग रोड और एयरोसिटी परियोजनाओं से प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग की। रिंग रोड के दोनों ओर 50 मीटर ग्रीन बेल्ट में आने वाली जमीन का भी नियमानुसार मुआवजा दिया जाए और सर्किल रेट का पुनरीक्षण किया जाए। कार्यालय पर हमले के आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग उठाई गई।
महापंचायत में भारतीय किसान यूनियन युवा विंग के प्रदेश अध्यक्ष अनुज सिंह ने धान क्रय केंद्र खोलने, न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद, प्राकृतिक आपदा से बर्बाद फसलों का सर्वे कराकर मुआवजा देने तथा खाद-बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की। ग्रामीण घरेलू उपभोक्ताओं को 18 घंटे बिजली देने, नहरों की सफाई, अंतिम छोर तक पानी पहुंचाने सहित अन्य विषयों पर विचार रखा।
