रेलकर्मियों व पेंशनर्स को बड़ी राहत: राजधानी-शताब्दी व दुरंतो में उच्च श्रेणी यात्रा कर सकेंगे, सिर्फ किराया अंतर चुकाना होगा
रेलवे ने लाखों रेलकर्मियों और पेंशनर्स को बड़ी राहत दी है, अब वे राजधानी, शताब्दी और दुरंतो जैसी प्रीमियम ट्रेनों ...और पढ़ें

रेलकर्मी और पेंशनर्स व उनके आश्रित प्रीमियम ट्रेनों में भी उच्च श्रेणी में यात्रा कर सकेंगे।
HighLights
मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों में ही पासधारक अंतर राशि देकर यात्रा कर सकते थे
रेलकर्मियों और पासधारकों को प्रीमियम ट्रेनों में असुविधा होती थी
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। लाखों रेलकर्मी, पेंशनर्स और उनके आश्रितों को रेलवे ने बड़ी राहत दी है। अब रेलवे पासधारक राजधानी, शताब्दी और दुरंतो जैसी प्रीमियम ट्रेनों में भी किराये का अंतर चुकाकर अपनी तय पात्रता से ऊपर की श्रेणी (हायर क्लास) में सफर कर सकेंगे।
पहले मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में तो पासधारक अंतर राशि देकर उच्च श्रेणी में यात्रा कर सकते थे, लेकिन राजधानी, शताब्दी व दुरंतो जैसी ट्रेनों में यह व्यवस्था नहीं थी। इसके चलते कर्मचारी और पेंशनर्स सीट खाली होने के बावजूद सिर्फ अपनी पात्रता वाली श्रेणी में ही सफर करने को बाध्य थे। अब प्रिविलेज पास, पोस्ट रिटायरमेंट कांप्लमेंट्री पासऔर विडो पास धारक अंतर किराया भरकर प्रीमियम ट्रेनों में भी ऊंची श्रेणी में सीट ले सकेंगे।
उदाहरण के तौर पर, प्रयागराज एक्सप्रेस में प्रयागराज दिल्ली के लिए थर्ड एसी का किराया 1,045 रुपये है और सेकेंड एसी का किराया 1,455 रुपये है, तो थर्ड एसी पासधारक कर्मचारी को दोनों श्रेणियों के अंतर के रूप में केवल 410 रुपये का भुगतान करना होगा।
रेलवे बोर्ड के निदेशक (पैसेंजर मार्केटिंग)-द्वितीय संजय मनोचा के अनुसार इस बदलाव के लिए सेंटर फार रेलवे इंफार्मेशन सिस्टम्स (क्रिस) को यात्री आरक्षण प्रणाली (पीआरएस) और एचआरएमएस (ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम) के ई-पास माड्यूल में तत्काल तकनीकी बदलाव करने के निर्देश दिए हैं, ताकि पासधारकों को टिकट बुक करते समय कोई असुविधा न हो।