इंडियन स्टेट से लड़ने वाले बयान में राहुल गांधी को इलाहाबाद हाई कोर्ट से बड़ी राहत, केस की मांग में याचिका खारिज
‘इंडियन स्टेट’ से लड़ाई वाले बयान पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी को इलाहाबाद हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। ...और पढ़ें
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कांग्रेस सांसद राहुल गांधी।- फाइल फोटो
HighLights
राहुल गांधी को इलाहाबाद हाईकोर्ट से मिली बड़ी राहत।
'इंडियन स्टेट से लड़ाई' बयान पर याचिका खारिज हुई।
भाजपा, आरएसएस के खिलाफ टिप्पणी पर मुकदमा रद्द।
विधि संवाददाता, प्रयागराज। ‘इंडियन स्टेट’ से लड़ाई वाले बयान पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी को इलाहाबाद हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। न्यायमूर्ति विक्रम डी चौहान की एकलपीठ ने कांग्रेस नेता के खिलाफ एफआइआर दर्ज करने की मांग में दाखिल याचिका खारिज कर दी है। शुक्रवार को यह निर्णय सुनाया गया। कोर्ट ने आठ अप्रैल 2026 को सुनवाई के बाद आदेश सुरक्षित रख लिया था। याचिका संभल (भीमनगर) निवासी सिमरन गुप्ता ने दायर की थी। कोर्ट ने कहा, परिस्थितियों और तर्कों के मद्देनजर याचिका में मेरिट की कमी है।
कोर्ट ने कहा, यह स्थापित कानूनी सिद्धांत है कि संदेह आपराधिक अभियोजन का आधार नहीं बन सकता। याची के लिए यह अनिवार्य था कि वह संबंधित न्यायालय के समक्ष ऐसे तथ्य प्रस्तुत करता जो अपमानजनक भाषण को अपराध बना देतीं। पहले चरण के न्यायालय और पुनरीक्षण न्यायालय ने याची सिमरन के खिलाफ निष्कर्ष दर्ज किए हैं। संबंधित न्यायालय ने अपने अधिकार का प्रयोग कानून के अनुसार किया है।
याची ने 10 फरवरी 2025 को सिविल जज (वरिष्ठ श्रेणी)/विशेष जज, एमपी/एमएलए कोर्ट संभल और सात नवंबर 2025 को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश, चंदौसी द्वारा पारित आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। इससे पहले उसने 23 जनवरी 2025 को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 173(4) के तहत मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संभल के समक्ष शिकायत दर्ज कराई थी कि राहुल गांधी का बयान भारतीय राज्य की संप्रभुता, अखंडता और एकता के लिए खतरा है। यह समाज में अस्थिरता और विद्रोह की भावना पैदा करेगा। यह शिकायत खारिज कर दी गई।
अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल का कहना था कि निचली अदालत और पुनरीक्षण अदालत ने कानून को सही परिप्रेक्ष्य में नहीं समझा। कोर्ट ने कहा, इस न्यायालय के समक्ष ऐसी कोई परिस्थितियां और महत्वपूर्ण विवरण प्रस्तुत नहीं किए गए हैं जिनसे यह संकेत मिले कि भाषण के परिणामस्वरूप विध्वंसक गतिविधियां भड़की, अलगाववादी गतिविधियों को बढ़ावा मिला। भाषण जनवरी 2025 में दिया गया था और एक वर्ष बीत जाने के बाद भी उसके परिणामस्वरूप भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 152 के अंतर्गत आने वाली कोई भी गड़बड़ी हुई है।
कांग्रेस नेता ने कहा था- हमारी लड़ाई भाजपा, आरएसएस और इंडियन स्टेट से
15 जनवरी 2025 को दिल्ली में कांग्रेस के नए मुख्यालय ‘इंदिरा भवन’ के उद्घाटन समारोह में राहुल गांधी ने कहा था, ‘कांग्रेस की लड़ाई अब केवल राजनीतिक दलों तक सीमित नहीं रह गई है। अगर आप यह सोचते हैं कि हम भाजपा या आरएसएस जैसे किसी राजनीतिक संगठन से लड़ रहे हैं तो आप स्थिति नहीं समझ रहे हैं। भाजपा और आरएसएस ने देश की हर संस्था पर कब्जा कर लिया है। अब हमारी लड़ाई भाजपा, आरएसएस और खुद 'इंडियन स्टेट' से है।’
