प्रयागराज में चार मशीनों से करोड़ों के नोटों की गिनती शुरू, सगे भाइयों से पूछताछ कर रही IT की टीम; बार-बार बदल रहे बयान
प्रयागराज के नवाबगंज में एक घर से बरामद करोड़ों रुपये की गिनती आयकर विभाग ने चार मशीनों से शुरू कर ...और पढ़ें

प्रयागराज के नवाबगंज थाने में आयकर विभाग की छह टीमें चार मशीनों से बरामद करोड़ों के नोटों की गिनती कर रही हैं।
HighLights
नवाबगंज के बरईपुर रामनगर के एक घर से तीन ड्रम में करोड़ों रुपये बरामद हुए थे
दोनों भाइयों से आयकर विभाग के अधिकारी अलग-अलग कमरे में कर रहे पूछताछ
जागरण संवादाता, प्रयागराज। गंगापार में नवाबगंज थाना क्षेत्र के बरईपुर रामनगर गांव स्थित एक घर से तीन ड्रम में करोड़ों रुपये मिले थे। इसे लेकर आयकर विभाग की छह सदस्यीय टीम ने बरामद नोटों की शुक्रवार दोपहर 12 बजे से गिनती शुरू कर दी है। चार मशीनों से रुपये गिने जा रहे हैं।
पुलिस घर के अन्य हिस्सों में करेगी खोदाई
साथ ही दोनों भाइयों से आयकर विभाग के अधिकारी अलग कमरे में पूछताछ करने में जुटे हैं। उधर, पुलिस और आयकर विभाग के कुछ अधिकारी बरईपुर रामनगर गांव गए हैं। यहां मकान के अन्य हिस्सों में फिर से खोदाई की बात कही जा रही है।
गांव के व्यक्ति से झगड़े के बाद खुला मामला
बरईपुर रामनगर निवासी राजेश यादव करीब 15 साल पहले मुंबई गया था। वहां एक कंपनी में काम करने की बात बताता था। इसके बाद पुणे गया और आभूषण दुकान में नौकरी करने की बात बताई। कोरोना काल के दौरान वह परिवार समेत गांव लौटा। इसके बाद इसके बाद दादनपुर, मुबारकपुर, मेंडारा और शांतिपुरम में लाखों रुपये की जमीन, ट्रैक्टर-ट्राली, पिकअप खरीदी। उसने दूसरे गांव में भी जमीन खरीदकर शानदार मकान बनवाया। इधर गांव के एक व्यक्ति से झगड़े के बाद यह पूरा प्रकरण सामने आया।
नवाबगंज थाने में हो रही नोटों की गिनती
आयकर विभाग की छह सदस्यीय टीम गुरुवार देर शाम नवाबगंज थाने पहुंच गई थी। सभी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शुक्रवार दोपहर से थाना परिसर स्थित एक कमरे में बरामद नोटों की चार मशीनों के माध्यम से गिनती शुरू हुई। इसमें पुलिस के दो अधिकारियों को भी शामिल किया गया है। सूत्रों की मानें तो दोपहर में आयकर विभाग की तीन सदस्यीय एक और टीम नवाबगंज थाने पहुंचेगी। नोटों की गिनती के बाद इसे सील कर आयकर विभाग अपने कब्जे में ले लेगी।
राजेश व राकेश बार-बार बदल रहे बयान
बरामद रुपये किसके हैं और यहां कैसे आए? इसे लेकर राजेश उर्फ बबलू और उसका भाई राकेश लगातार अपना बयान बदल रहे हैं। पुलिस अधिकारियों के बाद आयकर विभाग की टीम दोनों से अलग-अलग पूछताछ कर रही है। अब वह यह कह रहे हैं कि जो रुपये बरामद हुए हैं, उसके बारे में वह कुछ नहीं जानते। रुपये उनके नहीं हैं। जबकि पहले दोनों ने रकम खुद की होने की बात स्वीकार की थी।
ड्रमों में भरकर जमीन में गाड़े गए थे 500-500 के नोट
पुलिस ने मकान के भीतर जमीन खोदकर रखे गए तीन प्लास्टिक के ड्रम को बाहर निकाला। उसे खोलकर देखा तो तीनों ड्रम में पांच-पांच सौ रुपये नोट की गड्डी भरी हुई थी। पुलिस ने बरामद रकम को थाने के मालखाने में रखवाते हुए आयकर सहित अन्य विभागों को जानकारी दी थी। इसी बीच ग्रामीणों में मकान से 60 करोड़ रुपये मिलने की चर्चा होती रही। हालांकि, यह अभी साफ नहीं हो सका है कि कितने रुपये मिले हैं। आयकर विभाग द्वारा बरामद नोटों की गिनती के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा।
