प्रयागराज के फाफामऊ पुल पर भारी वाहनों की नो इंट्री, अब झूंसी-सहसों से जाएंगी बसें, सफर लंबा और किराया अधिक लगेगा
फाफामऊ पुल पर भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है, जिससे अब बसें और बड़े वाहन झूंसी-सहसों ...और पढ़ें

प्रयागराज-लखनऊ मार्ग पर फाफामऊ में लगा वाहनों का भीषण जाम। जागरण
HighLights
पुल पर लगातार लग रहे भीषण जाम समस्या दूर करने को प्रशासन ने सख्त कदम उठाया
पुल पर से अब केवल छोटे वाहनों का ही हो सकेगा आवागमन, पैदल यात्री भी चल सकेंगे
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। शहर के उत्तरी छोर पर स्थित फाफामऊ पुल पर बीते आठ सितंबर से जारी भीषण जाम पर से पार पाने के लिए प्रशासन ने आखिरकार सख्त कदम उठाया है। लगातार बिगड़ती स्थिति और व्यवस्था बनाने में नाकाम रही ट्रैफिक पुलिस के बाद अब पुल पर बसों और भारी व्यावसायिक वाहनों की नो-एंट्री लागू कर दी गई है। नए ट्रैफिक प्लान के तहत बड़े वाहनों को झूंसी और सहसों के रास्ते डायवर्ट किया गया है, जबकि पुल को केवल छोटे वाहनों के लिए आरक्षित कर दिया गया है।
पुल पर अब केवल छोटे वाहन
प्रशासन के नए निर्देश के अनुसार फाफामऊ गंगा पुल से अब केवल पैदल यात्री, साइकिल, दोपहिया और कार जैसे हल्के निजी वाहन ही गुजर सकेंगे। माना जा रहा है कि भारी ट्रकों और रोडवेज बसों के हटने से पुल पर वाहनों की गति नहीं थमेगी और रोजाना लग रहे घंटों लंबे जाम से आम राहगीरों को फौरी राहत मिलेगी।
प्रतापगढ़ और लखनऊ का नया रूट
रूट डायवर्जन के बाद अब डिपो से निकलने वाली बसें सीएमपी चौराहे से सोहबतियाबाग और बैरहना होते हुए शास्त्री पुल (झूंसी) से गंगा पार करेंगी।
अयोध्या-प्रतापगढ़ रूट: बसें झूंसी से सहसों बाईपास होते हुए कानपुर हाईवे की ओर मुड़ेंगी और सोरांव के भावपुर से होकर प्रतापगढ़ मार्ग पर उतरेंगी।
लखनऊ रूट: लखनऊ जाने वाली बसें नवाबगंज बाईपास से होकर लालगोपालगंज के रास्ते आगे बढ़ाई जाएंगी।
यात्रियों की जेब पर सीधा असर
इस डायवर्जन की सबसे बड़ी मार आम यात्रियों पर पड़ने वाली है। नया रूट पकड़ने से प्रतापगढ़ और लखनऊ जाने वाली बसों को लंबा चक्कर काटना पड़ेगा। गंतव्य तक पहुंचने में अतिरिक्त 45 मिनट से लेकर 1 घंटे तक का अधिक समय लगेगा। दूरी बढ़ने के कारण रोडवेज विभाग ने प्रति किलोमीटर के हिसाब से किराया बढ़ाने की तैयारी कर ली है। सॉफ्टवेयर में नए रूट और किराए की फीडिंग का काम भी शुरू हो चुका है।
रांग साइड चलने पर लगाम लगाना जरूरी
बड़े वाहनों को हटा देना ही समस्या का अंतिम समाधान नहीं है। स्थानीय लोगों और जानकारों का कहना है कि फाफामऊ पुल पर जाम की मुख्य वजह ''रांग साइड'' चलने वाले छोटे वाहन भी हैं। जब तक घोड़ा चौराहे से लेकर पूरे पुल तक तैनात पुलिसकर्मियों की सख्त जवाबदेही तय नहीं होगी, तब तक केवल छोटे वाहन ही पूरे पुल को चोक करने के लिए काफी हैं।
शहर के अंदर जाम का नया खतरा
राहत की यह योजना शहर के दूसरे इलाकों के लिए आफत भी बन सकती है। बसें जब सीएमपी, सोहबतियाबाग और बैरहना के संकरे रास्तों से होकर झूंसी की ओर बढ़ेंगी, तो इन रिहायशी और व्यस्त चौराहों पर भारी जाम लगना तय है। यदि प्रशासन ने बैरहना से लेकर झूंसी तक अतिरिक्त पुलिस बल और सक्रिय प्रबंधन तैनात नहीं किया, तो फाफामऊ का जाम हटाने के चक्कर में आधा प्रयागराज शहर दिनभर रेंगता नजर आएगा।
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