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प्रयागराज में अनोखा बस अड्डा: यात्रियों को फाइव स्टॉर सुविधाएं मिलेंगी, 18वीं मंजिल पर होगा स्विमिंग पूल 

By Amarish Kumar Edited By: Brijesh Srivastava
Published: Thu, 10 Sep 2026 03:27 PM (IST)

प्रयागराज का सिविल लाइंस बस अड्डा 18 मंजिला वर्टिकल बस-पोर्ट में बदल रहा है। यह यूपीएसआरटीसी और ओमैक्स समूह की ...और पढ़ें

प्रयागराज के सिविल लाइंस में बन रहे 18 मंजिला वर्टिकल पोर्ट का डिजाइन। सौ.  यूपी रोडवेज

प्रयागराज के सिविल लाइंस में बन रहे 18 मंजिला वर्टिकल पोर्ट का डिजाइन। सौ. यूपी रोडवेज

HighLights

  1. UP का पहला वर्टिकल बस-पोर्ट सिविल लाइंस बस अड्डे पर बन रहा

  2. दो साल के अंदर बदल जाएगा पूरी तरह से सिविल लाइंस बस अड्डा

जागरण संवाददाता, प्रयागराज। धूल, धुआं, हार्न का शोर और पसीने से तर-बतर यात्रियों की भीड़-यूपी रोडवेज के बस अड्डों की यह पारंपरिक तस्वीर अब संगम नगरी में इतिहास बनने जा रही है। शहर के दिल सिविल लाइंस में एक ऐसा अनूठा आर्किटेक्चरल प्रयोग आकार ले रहा है, जहां जमीन पर सरकारी रोडवेज बसें दौड़ेंगी और आसमान की ओर 18वीं मंजिल पर फाइव स्टार लग्जरी, रूफटाप स्विमिंग पूल और लाउंज की दुनिया आबाद होगी।

एयरपोर्ट की तर्ज पर ‘वर्टिकल सिटी’ की तरह काम करेगा

उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपीएसआरटीसी) और ओमैक्स समूह की पीपीपी भागीदारी से तैयार हो रहा यह 18 मंजिला परिसर प्रदेश का पहला ऐसा ट्रांसपोर्ट हब है, जो एयरपोर्ट की तर्ज पर पूरी तरह ‘वर्टिकल सिटी’ की तरह काम करेगा।

13 से 18 मंजिल: डिजाइन में बड़ा बदलाव

शुरुआती योजना में इस परियोजना को 13 मंजिलों तक सीमित रखा गया था। तकनीकी समीक्षा और शहर के भविष्य के कमर्शियल विस्तार को देखते हुए इसका खाका नए सिरे से खींचा गया। अब यह ढांचा 18 मंजिला गगनचुंबी इमारत के रूप में विकसित किया जा रहा है।
परिसर को दो बड़े हिस्सों ब्लॉक 'ए' और ब्लॉक 'बी' में विभाजित किया गया है। 18 मंजिला ब्लॉक-ए मुख्य आइकॉनिक टॉवर होगा, जबकि ब्लॉक-बी इसके सहयोगी विंग के रूप में काम करेगा। अमेरिकी होटल चेन ‘विंडहैम होटल एंड रिसॉर्ट्स’ इस परिसर में अपना लग्जरी होटल संचालित करेगी।

बादलों के बीच तैराकी और फाइव स्टार ठाठ

इस पूरी परियोजना का सबसे आकर्षक और अलग पहलू इसका हॉस्पिटैलिटी जोन है। दोनों टावरों के बीच खुली हवा में एक भव्य स्विमिंग पूल विकसित किया जाएगा। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय मानकों का जिम, स्पा, रूफटॉप बार और बैंक्वेट हॉल जोड़े जा रहे हैं।
बस पकड़ने आए आम यात्रियों के कोलाहल से सैकड़ों फीट ऊपर, छठी से 18वीं मंजिल के बीच फाइव स्टार सुइट्स और स्टूडियो अपार्टमेंट होंगे, जहां से पूरे शहर का विहंगम दृश्य (स्काईलाइन व्यू) दिखाई देगा।

फ्लोर-दर-फ्लोर: इमारत का पूरा एक्स-रे

इस 18 मंजिला वर्टिकल बस-पोर्ट का लेआउट यात्रियों, खरीदारों और होटल मेहमानों के बीच टकराव रोकने के लिए बेहद वैज्ञानिक तरीके से तैयार किया गया है।
डबल बेसमेंट: दो मंजिला भूमिगत पार्किंग, जहां बसों के अलावा होटल और मॉल में आने वाली सैकड़ों निजी कारों के लिए अलग-अलग पार्किंग बे होंगे।
ग्राउंड फ्लोर: पूरी तरह बसों के ऑपरेशन के लिए आरक्षित। यहां अत्याधुनिक बस-बे होंगे जहां बसें आकर लगेंगी।
पहली व दूसरी मंजिल: केवल बस यात्रियों के लिए। वातानुकूलित लाउंज, डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड, टिकट काउंटर, बेबी केयर रूम और फूड कियोस्क।
तीसरी मंजिल: विशाल फूड कोर्ट और फैमिली डाइनिंग स्पेस, जहां अंतरराष्ट्रीय और स्थानीय खान-पान के ब्रांड होंगे।
चौथी मंजिल: बड़े आयोजनों, शादियों और सम्मेलनों के लिए भव्य बैंक्वेट हॉल।
पांचवीं मंजिल: मल्टीपरपज हॉल और मल्टीप्लेक्स सिनेमा, जहां यात्री अपनी यात्रा से पहले फिल्म का आनंद ले सकेंगे।
छठी से 18वीं मंजिल: अमेरिकी समूह का फाइव स्टार होटल, प्रीमियम क्लब, जिम, पूल और कॉर्पोरेट स्टूडियो अपार्टमेंट।

एमजी मार्ग को जाम से मुक्ति, नवाब यूसुफ रोड बनेगा बस-गेट

सिविल लाइंस बस अड्डे का सबसे बड़ा सिरदर्द सुभाष चौराहे और एमजी मार्ग पर लगने वाला ट्रैफिक जाम रहा है। नए डिजाइन में इस समस्या की जड़ पर ही प्रहार किया गया है। अब बस अड्डे की मुख्य सड़क (एमजी मार्ग) से बसों की नो-एंट्री होगी। बसों की पूरी आवाजाही पीछे की तरफ नवाब यूसुफ रोड से होगी। मस्जिद के बगल वाले मार्ग से बसें भीतर प्रवेश करेंगी और ऑपरेशन पूरा कर टूरिस्ट बंगले के पीछे से बाहर निकल जाएंगी।

एमजी मार्ग बनेगा सिर्फ ‘प्रीमियम एंट्री’

जिस मुख्य मार्ग से दशकों तक आम रोडवेज बसें मुड़ती थीं, वह रास्ता अब पूरी तरह निजी वाहनों, कैब और पैदल ग्राहकों के लिए सुरक्षित रहेगा। एमजी मार्ग से केवल मॉल, मल्टीप्लेक्स और फाइव स्टार होटल जाने वाले आगंतुकों को प्रवेश मिलेगा। इस व्यवस्था से जहां सिविल लाइंस का मुख्य बाजार बसों के भारी दबाव से मुक्त हो जाएगा, वहीं होटल और मॉल में आने वाले हाई-एंड ग्राहकों को भी सुगम और निर्बाध आवागमन मिलेगा।

बस टिकट और बोर्डिंग पास जैसा अनुभव

इस नए कॉम्प्लेक्स का उद्देश्य बस यात्रा को हवाई सफर जैसा गरिमापूर्ण बनाना है। ग्राउंड और फर्स्ट फ्लोर पर यात्रियों का फ्लो पूरी तरह सेपरेट होगा। यात्री ऊपर वातानुकूलित वेटिंग एरिया में बैठेंगे और जैसे ही उनकी बस प्लेटफॉर्म पर पहुंचेगी, अनाउंसमेंट और डिस्प्ले स्क्रीन के जरिए उन्हें नीचे प्लेटफॉर्म पर बुलाया जाएगा।

एक ही छत के नीचे नया आर्थिक केंद्र

यह सिर्फ बस अड्डा नहीं, बल्कि प्रयागराज का अगला बड़ा रिटेल हब साबित होने जा रहा है। आउटस्टेशन से आने वाले कारोबारियों के लिए यह सबसे मुफीद ठिकाना होगा। बस से उतरते ही ऊपर होटल में स्टे, मीटिंग के लिए बैंक्वेट और शाम के मनोरंजन के लिए मल्टीप्लेक्स, वह भी शहर के बाहर जाए बिना। आने वाले समय में जब यह 18 मंजिला स्काईस्क्रेपर पूरी तरह बनकर तैयार होगा, तब सिविल लाइंस की पहचान सिर्फ ऐतिहासिक कोठियों और चौड़ी सड़कों से नहीं, बल्कि नीचे दौड़ती बसों और ऊपर बादलों को छूते स्विमिंग पूल वाले इस आधुनिक बस-पोर्ट से होगी।

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