विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

PDA की 25 करोड़ की संपत्ति पर भू-माफिया का अवैध कब्जा, बेच दी डेढ़ बीघा जमीन; 20 से ज्यादा बने मकान 

By Birendra Dwivedi Edited By: Brijesh Srivastava
Published: Thu, 01 Oct 2026 12:23 PM (GMT+05:30)

प्रयागराज में पीडीए की 25 करोड़ रुपये की संपत्ति पर भूमाफिया ने अवैध कब्जा कर लिया है, जहां डेढ़ बीघा ...और पढ़ें

प्रयागराज में पीडीए की करोड़ों की अवैध कब्जे वाली जमीन को खाली करायाय जाएगा।

प्रयागराज में पीडीए की करोड़ों की अवैध कब्जे वाली जमीन को खाली करायाय जाएगा।


HighLights

  1. प्रयागराज शहर के कसारी-मसारी आवास योजना में अवैध कब्जा है

  2. प्रयागराज विकास प्राधिकरण अवैध कब्जे के विरूद्ध कार्रवाई करेगा

जागरण संवाददाता, प्रयागराज। भूमाफिया ने सरकारी जमीन को भी कमाई का जरिया बना लिया है। प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) की कसारी-मसारी आवास योजना में डेढ बीघा से अधिक बेशकीमती जमीन कथित तौर पर बेच दी गई। जमीन पर 20 से अधिक लोगों ने मकान भी बना लिए।

पीडीए करा रहा सर्वे

इस जमीन पर डॉक्टर, इंजीनियर और शिक्षकों ने भी दो से तीन मंजिला का भवन बना लिया है। मामला सामने आने के बाद प्राधिकरण ने कब्जेदारों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। सर्वे पूरा हो चुका है और संबंधित लोगों को नोटिस जारी किए जाने की प्रक्रिया चल रही है।

माफिया अतीक के करीबी ने बेची जमीन 

शहर के कसारी-मसारी आवास योजना में पीडीए की जमीन पर अवैध कब्जे और उसकी बिक्री का मामला सामने आने से प्राधिकरण की संपत्तियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि माफिया अतीक अहमद के करीबी रहे चंदन सिंह ने प्राधिकरण की डेढ बीघे से अधिक जमीन बेच दी।

पीडीए की जमीन पर दे दिया गया कब्जा 

बताया जा रहा है कि कब्जेदारों में रजिस्ट्री कहीं और करके पीडीए की जमीन पर कब्जा दे दिया गया है। हालांकि, जमीन की बिक्री और कब्जे को लेकर प्राधिकरण की ओर से तथ्यों का सत्यापन किया जाना है। इस जमीन की कीमत 25 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है है।

चिह्नित कब्जेदारों को नोटिस भेजने की तैयारी

पीडीए की ओर से जोनल अधिकारी सूरज पटेल ने पहली बार स्थलीय निरीक्षण कर लिया है। दोबारा सर्वे नवरात्र में किया जा सकता है। दीपावली के पहले अवैध निर्माण करने वालों को नोटिस जारी किया जाएगा। पीडीए की ओर से 10 दिन पहले संबंधित जमीन का सर्वे कराया जा चुका है। अब चिह्नित कब्जेदारों को नोटिस भेजने की तैयारी है।

दस्तावेज न दिखाने पर कब्जेदारों पर होगी कार्रवाई 

इस संबंध में यह भी महत्वपूर्ण होगा कि जमीन के स्वामित्व संबंधी अभिलेख क्या कहते हैं और मकान बनाने वाले लोगों के पास किस तरह के दस्तावेज हैं। जोनल अधिकारी सूरज पटेल ने बताया कि कब्जा करने वालों के साथ जल्द ही बैठक की जाएगी। उचित दस्तावेज न मिलने पर नियम के अनुसार कार्रवाई की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

यह भी पढ़ें- रेलवे भर्ती परीक्षाओं की शुल्क वापसी की अंतिम तिथि तीन अक्टूबर तक बढ़ा दी गई, अभ्यर्थियों के लिए अंतिम अवसर

यह भी पढ़ें- देश की सबसे आलीशान ‘महाराजा एक्सप्रेस’ संगम नगरी होकर जाएगी, छिवकी और प्रयागराज जंक्शन पर टूरिस्ट ट्रेन रुकेगी