प्रयागराज में घर बनाना हुआ सस्ता और आसान, पीडीए ने बेटरमेंट शुल्क में की भारी कटौती
प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) ने भवन निर्माण मानचित्र स्वीकृति के लिए लगने वाले बेटरमेंट चार्ज में भारी कटौती की है।

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
HighLights
पीडीए ने बेटरमेंट चार्ज में की भारी कटौती।
सिविल लाइंस सहित कई क्षेत्रों में शुल्क आधा हुआ।
अब केवल निर्मित क्षेत्र पर ही लगेगा विकास शुल्क।
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। भवन का मानचित्र पास कराने में लोगों की जेब पर पड़ने वाला बड़ा भार अब कम होगा। प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) ने बेटरमेंट चार्ज यानी विकास शुल्क में भारी कटौती कर दी है। सिविल लाइंस, झलवा, पीपलगांव, कालिंदीपुरम समेत कई क्षेत्रों में अब पहले की तुलना में आधे से भी कम शुल्क देना होगा।
शासन ने पीडीए बोर्ड के प्रस्ताव को बुधवार को मंजूरी दे दी। इससे भवन निर्माण के लिए मानचित्र स्वीकृत कराने वाले लोगों को राहत मिलेगी। नैनी,झूंसी और फाफामऊ की ओर पहले बेटमेंट चार्ज कुछ क्षेत्र में लगता था। लेकिन अब पीडीए के विकास वाले सभी क्षेत्रों में बेटरमेंट चार्ज लिया जाएगा।
बोर्ड बैठक में पास हुआ प्रस्ताव
पीडीए बोर्ड की पांच सितंबर को हुई बैठक में बेटरमेंट चार्ज कम करने का प्रस्ताव पास किया गया था। इसे शासन की मंजूरी के लिए भेजा गया था। शासन से स्वीकृति मिलने के बाद नई दरें प्रभावी करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। नई व्यवस्था में दिसंबर 2022 और दिसंबर 2025 के सर्किल रेट के 15 प्रतिशत के आधार पर बेटरमेंट चार्ज निर्धारित किया जाएगा।
सिविल लाइंस क्षेत्र में अब अधिकतम करीब 765 रुपये प्रति वर्ग मीटर तक शुल्क लगेगा। इससे पहले यहां 3500 रुपये प्रति वर्ग मीटर तक बेटरमेंट चार्ज लिया जा रहा था।
इसी तरह देवघाट में 2240 रुपये प्रति वर्ग मीटर की जगह अब 330 रुपये, पीपलगांव में 1960 रुपये की जगह 510 रुपये और एसपी मार्ग पर 2500 रुपये की जगह 375 रुपये प्रति वर्ग मीटर शुल्क देना होगा।
सिविल लाइंस म्योररोड पर 2550 रुपये लिया जाता था अब 765 रुपये लिया जाएगा। झलवा और कालिंदीपुरम समेत अन्य क्षेत्रों में भी शुल्क में कमी की गई है।
पीडीए उपाध्यक्ष ऋषिराज ने बताया कि बेटरमेंट शुल्क को कम कर दिया गया है। पीडीए में इसे पूरी तरह से लागू किया जा चुका है।
जितना निर्माण, उतने हिस्से का ही शुल्क
अब भूखंड के पूरे क्षेत्रफल पर बेटरमेंट चार्ज नहीं लगाया जाएगा। भूखंड के जितने हिस्से में निर्माण कराया जाएगा, उतने ही क्षेत्रफल का बेटरमेंट चार्ज देना होगा। इससे बड़े भूखंड पर कम क्षेत्रफल में निर्माण कराने वाले लोगों पर अतिरिक्त शुल्क का बोझ नहीं पड़ेगा। नई व्यवस्था से मानचित्र स्वीकृति की प्रक्रिया में शुल्क का निर्धारण अधिक व्यावहारिक तरीके से किया जा सकेगा।
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