अवैध निर्माण पर अंकुश लगाएगा AI, एक क्लिक से बिना स्वीकृति बन रहे निर्माण को खोज निकालेगा PDA
प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) अवैध निर्माणों पर अंकुश लगाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) तकनीक का उपयोग करेगा। दो से ...और पढ़ें

प्रयागराज विकास प्राधिकरण की फाइल फोटो।
HighLights
विकास प्राधिकरण ने साफ्टवेयर तैयार करने की कवायद शुरू कर दी है
दो से तीन माह में एआइ से अवैध निर्माण की पीडीए को मिलने लगेगी सूचना
पीडीए के कुछ कर्मियों की मिलीभगत से हर क्षेत्र में अवैध निर्माण हो रहा
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। शहर में अवैध निर्माण को रोकने के लिए पीडीए की ओर से जोनवार अधिकारियों को लगाया गया है। हालांकि अवैध निर्माण पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) के कुछ अभियंताओं और लिपिकों की मिलीभगत से हर क्षेत्र में अवैध निर्माण हो रहा है।
साफ्टवेयर में पीडीए का दर्ज होगा दायरा
अब अवैध निर्माण पर नजर रखने के लिए पीडीए आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआइ) तकनीक का इस्तेमाल करने का विचार कर रहा है। इसके लिए तैयारी शुरू कर दी गई है। अवैध निर्माण को रोकने के लिए साफ्टवेयर डेवलप किया जा रहा है। इस साफ्टवेयर में पीडीए के दायरे को दर्ज किया जाएगा। कालोनियों या अन्य स्थानों के भूखंडों पर पीडीए से मानचित्र पास कराए बिना कोई निर्माण करेगा तो साफ्टवेयर के माध्यम से इसकी जानकारी अधिकारियों को मिल जाएगी।
सैटेलाइट के जरिए संपत्तियों की हो रही मैपिंग
एआइ युक्त साफ्टवेयर बनाने के लिए पीडीए और एक बैंक के बीच वार्ता अंतिम दौर में पहुंच चुकी है। जून से जुलाई तक साफ्टवेयर काम करने लगेगा। पीडीए के आठ जाेन हैं, जिनमें सैटेलाइट के जरिए संपत्तियों की मैपिंग आरंभ की गई है। क्षेत्रवार तस्वीर के साथ डाटा तैयार कर एआई तकनीक से अवैध निर्माण पर लगाम कसने की तैयारी है। पीडीए को आए दिन प्रत्येक जोन में होने वाले अतिक्रमण और अवैध निर्माण की शिकायतें मिलती हैं।
एक क्लिक से अवैध निर्माण का पता चलेगा
कई बार मौके पर जाकर प्रवर्तन टीम अवैध निर्माण को ध्वस्त और सील करने की कार्यवाही करती है, लेकिन बहुत से अवैध निर्माण बनकर तैयार हो जाते हैं। अब एआइ तकनीक के शुरू होने से अधिकारी कार्यालय में बैठकर कंप्यूटर पर एक क्लिक के जरिए अवैध निर्माण का पता कर सकेंगे।
अवैध निर्माण पर अंकुश लगाने के लिए जल्द ही एआई की मदद ली जाएगी। एआई तकनीक से जल्द ही अवैध निर्माण पर अंकुश लगाने का काम शुरू हो जाएगा। एक से दो माह में साफ्टवेयर बनकर तैयार हो जाएगा।
- सूरज पटेल, प्रभारी संपत्ति, पीडीए।
