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प्रयागराज कैश कांड: जीवनशैली में अचानक आए बदलाव ने खोली पोल, पुणे से लौटते ही दोनों भाइयों ने बनाई करोड़ों की प्रॉपर्टी

By Jagran NewsEdited By: Shiv Govind Mishraa
Published: Fri, 30 Oct 2026 12:18 AM (IST)Updated: Fri, 30 Oct 2026 12:23 AM (IST)

प्रयागराज के बरईपुर रामनगर गांव में पुलिस ने एक घर से जमीन में दबे तीन ड्रमों से करोड़ों रुपये की ...और पढ़ें

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।

HighLights

  1. प्रयागराज में घर से करोड़ों रुपये की नकदी बरामद हुई।

  2. मुंबई-पुणे से लौटे भाइयों की संपत्ति पर ग्रामीणों को संदेह था।

  3. आयकर विभाग अब मामले की गहन जांच कर रहा है।

जागरण संवाददाता, प्रयागराज। मुंबई-पुणे में नौकरी के बाद गांव लौटे दो भाइयों की बदली जीवनशैली बदली, जमीनें व ट्रैक्टर-ट्राली खरीदने के साथ आलीशान मकान बनवाना गांव वालों को खटक गया। अचानक बढ़ी संपत्ति देख ग्रामीणों के मन में सवाल उठे। शिकायत पुलिस तक पहुंच गई।

बुधवार शाम शृंगवेरपुर के बरईपुर रामनगर गांव में राजेश उर्फ बबलू के घर पहुंची पुलिस ने एक कमरे के फर्श की खुदाई कराई तो जमीन में दबे प्लास्टिक के तीन ड्रमों से पांच-पांच सौ रुपये के नोटों के बंडल निकलने लगे। करोड़ों की नकदी का अनुमान है।

ग्रामीणों ने रकम करीब 60 करोड़ रुपये होने का दावा किया, लेकिन 24 घंटे बाद भी न तो कुल रकम का पता चल सका और न ही यह कि नकदी किसकी है, कहां से आई? गुरुवार रात आयकर विभाग की टीम पहुंची और नोटों की गिनती की जा रही है।

गंगानगर जोन में बुधवार को पुलिस को पता चला कि बरईपुर रामनगर गांव के राजेश और राकेश ने अपने मकान में करोड़़ों रुपये छिपाकर रखे हैं। पुख्ता जानकारी होने पर एडीसीपी गंगानगर पुष्कर वर्मा ने एसीपी श्यामजीत प्रमिला सिंह और पुलिस टीम के साथ मकान में छापेमारी की। शुरुआती तलाशी में घर में कुछ भी असामान्य नहीं मिला।

फिर, सटीक इनपुट के आधार पर पुलिस ने एक कमरे के फर्श की जांच की। उसके बाद मजदूर बुलाकर खुदाई कराने पर जमीन में दबे तीन ड्रम मिले। काले रंग की मोटी प्लास्टिक की कई परतों से ढंके ड्रमों को खोला गया, तो 500-500 रुपये के नोटों के बंडल भरे मिले। घर सील कर दिया गया। शुक्रवार को आयकर टीम मकान में खोदाई कराने की तैयारी कर रही है।

मुंबई-पुणे से लौटने के बाद बनाई करोड़ों की प्रापर्टी

ग्रामीणों के मुताबिक, बरईपुर रामनगर निवासी राजेश यादव करीब 15 साल पहले  गया था। वहां एक कंपनी में काम करने की बात बताता था। उसके बाद पुणे गया और आभूषण दुकान में नौकरी करने लगा। कोरोना काल के दौरान वह परिवार समेत गांव लौटा। इसके बाद दादनपुर, मुबारकपुर, मेंडारा और शांतिपुरम में लाखों रुपये की जमीन, ट्रैक्टर-ट्राली, पिकअप खरीदी। दूसरे गांव में भी जमीन खरीदकर मकान बनवाया।

आठ दिन पहले राकेश समेत पांच पर केस

नवाबगंज थाने में आठ दिन पहले राजेश उर्फ बबलू, उसके भाई लवकुश, रजनीश उर्फ छोटू, राज व अमर यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। बरईपुर रामनगर निवासी अभिषेक का आरोप है कि उसका छोटा भाई 15 माह की बच्ची आरू को लेकर दवा के लिए जा रहा था, तभी राजेश समेत अन्य लोगों ने गाड़ी में टक्कर मार दी।

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विपक्षी ने मारपीट कर धमकी दी थी। चर्चा है कि इस घटना के बाद जांच के दौरान पुलिस को बबलू और उसके भाई के घर रखी नकदी की जानकारी मिली थी। हालांकि झगड़ा और पैसे के कनेक्शन को लेकर पुलिस कुछ नहीं कह रही है।

जांच में साइबर या दूसरे अपराध से संबंधित पैसा होने की बात सामने नहीं आई है। मकान मालिक ने खुद का पैसा होने से इन्कार किया है। प्रथम दृष्टया आय से अधिक संपत्ति का मामला लग रहा है। आयकर विभाग भी जांच कर रहा है। -सोनम कुमार, डीसीपी गंगानगर